#Introduction
शब्द — समास : परिचय (लगभग 2000 शब्द)
भाषा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट कर सकती है। जब भाषा संक्षिप्त, स्पष्ट और प्रभावशाली बनती है, तब उसका सौंदर्य और उपयोगिता दोनों बढ़ जाते हैं। हिंदी व्याकरण में इसी उद्देश्य की पूर्ति करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है — समास। समास शब्द-रचना की वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया, संक्षिप्त और अर्थपूर्ण शब्द बनाते हैं। ‘समास’ शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है। इसका शाब्दिक अर्थ है — संक्षेप, जोड़, संयोग या संक्षिप्त रूप। व्याकरण की दृष्टि से— जब दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से एक नया शब्द बनता है और बीच के कारक, विभक्ति या संबंध सूचक शब्द लुप्त हो जाते हैं, तब वह प्रक्रिया समास कहलाती है। उदाहरण— राजा का पुत्र → राजपुत्र देश के लिए प्रेम → देशप्रेम नीला कमल → नीलकमल इन उदाहरणों में स्पष्ट है कि समास के कारण वाक्यांश छोटा होकर एक शब्द में बदल गया है, किंतु उसका अर्थ पूर्ण रूप से सुरक्षित है। 1. समास की आवश्यकता समास का प्रयोग भाषा में इसलिए आवश्यक है क्योंकि— • भाषा को संक्षिप्त बनाता है • अभिव्यक्ति को प्रभावशाली बनाता है • बार-बार शब्दों की पुनरावृत्ति से बचाता है • साहित्यिक सौंदर्य बढ़ाता है • कविता और गद्य दोनों को प्रवाह देता है यदि समास न हो, तो भाषा बोझिल और लंबी हो जाएगी। उदाहरण के लिए— “जो व्यक्ति देश से प्रेम करता है” की अपेक्षा देशप्रेमी कहना अधिक सरल, सुंदर और प्रभावी है। 2. समास की परिभाषा समास की एक मानक और परीक्षा-उपयोगी परिभाषा— जब दो या दो से अधिक पदों के मेल से, बीच के विभक्ति-चिह्नों के लोप के साथ, एक नया संक्षिप्त शब्द बनता है, तो उसे समास कहते हैं। समास में बनने वाले शब्द को समस्त पद और समास को तोड़कर जो रूप प्राप्त होता है, उसे समास-विग्रह कहा जाता है। उदाहरण— समस्त पद : राजकुमार समास-विग्रह : राजा का कुमार 3. समास और संधि में अंतर (परिचयात्मक) अक्सर विद्यार्थी समास और संधि को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि दोनों में स्पष्ट अंतर है। • संधि में वर्णों का परिवर्तन होता है • समास में अर्थ का संक्षेप होता है • संधि ध्वनि-प्रधान होती है • समास अर्थ-प्रधान होता है उदाहरण— विद्या + आलय = विद्यालय (संधि) राजा का पुत्र = राजपुत्र (समास) 4. समास की मुख्य विशेषताएँ समास की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं— • दो या अधिक शब्द मिलते हैं • बीच के कारक (का, के, में, से आदि) हट जाते हैं • एक नया शब्द बनता है • नया शब्द अर्थपूर्ण होता है • भाषा संक्षिप्त और सुंदर बनती है 5. समास का क्षेत्र समास का प्रयोग हिंदी भाषा के लगभग सभी क्षेत्रों में होता है— • साहित्य (कविता, कहानी, उपन्यास) • समाचार-पत्र • प्रशासनिक भाषा • धार्मिक ग्रंथ • सामान्य बोलचाल जैसे— महापुरुष, राष्ट्रनिर्माण, लोककल्याण, आत्मविश्वास, देशभक्ति 6. समास का साहित्यिक महत्व कविता और साहित्य में समास का विशेष स्थान है। कवि कम शब्दों में गहन भाव व्यक्त करने के लिए समास का प्रयोग करते हैं। उदाहरण— “वीररस से ओतप्रोत महावीरों की गाथा” यहाँ महावीर और वीररस समास के सुंदर उदाहरण हैं। संस्कृत और संस्कृतनिष्ठ हिंदी साहित्य में समास का प्रयोग अत्यंत व्यापक है। 7. समास के पद समास में आने वाले शब्दों को पद कहा जाता है— • पूर्वपद • उत्तरपद उदाहरण— राजपुत्र राजा (पूर्वपद) + पुत्र (उत्तरपद) 8. समास-विग्रह का महत्व समास-विग्रह से— • समास का प्रकार पहचाना जाता है • शब्द का वास्तविक अर्थ स्पष्ट होता है • परीक्षा में उत्तर लिखना आसान होता है उदाहरण— नीलकमल → नीला है जो कमल 9. हिंदी में समास के प्रकार (संक्षिप्त परिचय) हिंदी व्याकरण में समास को मुख्यतः छः प्रकारों में बाँटा गया है— अव्ययीभाव समास तत्पुरुष समास कर्मधारय समास द्वंद्व समास द्विगु समास बहुव्रीहि समास इन सभी का विस्तार से अध्ययन आगे के अध्यायों में किया जाएगा। 10. समास का परीक्षा-महत्व समास से परीक्षा में— • परिभाषा पूछी जाती है • समास-विग्रह पूछा जाता है • समास का प्रकार पूछा जाता है • सही समस्त पद बनवाया जाता है इसलिए समास का परिचय स्पष्ट और मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। 11. दैनिक जीवन में समास हम दैनिक जीवन में अनेक समासयुक्त शब्दों का प्रयोग करते हैं— विद्यालय, पुस्तकालय, रेलमार्ग, जलपान, रात्रिभोजन, आत्मसम्मान इन शब्दों पर ध्यान देने से समास स्वतः समझ में आने लगता है। 12. समास और भाषा-सौंदर्य समास भाषा को— • ओजस्वी • संक्षिप्त • प्रभावी • सुस्पष्ट बनाता है। बिना समास के भाषा में वही बात बार-बार लंबे वाक्यों में कहनी पड़ेगी। 13. निष्कर्ष अंततः कहा जा सकता है कि— समास भाषा की संक्षिप्तता, स्पष्टता और सौंदर्य का मूल आधार है। यह शब्दों को जोड़ने की केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि अर्थ को सघन बनाने की कला है। समास के बिना हिंदी भाषा न तो इतनी प्रवाहपूर्ण होती और न ही इतनी प्रभावशाली। समास का गहन अध्ययन भाषा पर अधिकार प्राप्त करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।#Structure and Type
शब्द — समास : संरचना व प्रकार (लगभग 2000 शब्द)
समास के परिचय के बाद उसका सबसे महत्वपूर्ण और व्यावहारिक पक्ष है— संरचना और प्रकार। समास को सही ढंग से समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि समस्त पद कैसे बनता है, उसमें कौन-कौन से पद होते हैं और किस आधार पर समास के विभिन्न प्रकार निर्धारित किए जाते हैं। यह भाग समास-विग्रह, समास-पहचान और समास-प्रकार निर्धारण—तीनों के लिए आधार तैयार करता है। 1. समास की संरचना समास की संरचना का अर्थ है— समास कैसे बनता है। किसी भी समास में निम्नलिखित तत्व अनिवार्य रूप से होते हैं— • दो या दो से अधिक पद • पदों के बीच का संबंध • कारक/विभक्ति/परसर्ग का लोप • एक नया संक्षिप्त शब्द (समस्त पद) (क) समस्त पद समास के द्वारा बना हुआ संयुक्त शब्द समस्त पद कहलाता है। उदाहरण— राजपुत्र, नीलकमल, देशप्रेम, लोककल्याण (ख) समास-विग्रह समस्त पद को तोड़कर उसके मूल पदों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। उदाहरण— राजपुत्र → राजा का पुत्र नीलकमल → नीला है जो कमल समास-विग्रह से ही यह तय होता है कि समास किस प्रकार का है। (ग) पूर्वपद और उत्तरपद समास में आने वाले शब्दों को पद कहा जाता है— • पहला शब्द → पूर्वपद • दूसरा शब्द → उत्तरपद उदाहरण— देशप्रेम देश (पूर्वपद) + प्रेम (उत्तरपद) कुछ समासों में दो से अधिक पद भी हो सकते हैं, किंतु सामान्यतः दो पद ही होते हैं। 2. समास के प्रकार निर्धारण का आधार समास के प्रकार इस आधार पर निर्धारित किए जाते हैं कि— • किस पद की प्रधानता है • अर्थ किस पर निर्भर करता है • पदों के बीच कैसा संबंध है इसी आधार पर हिंदी व्याकरण में समास को मुख्यतः छः प्रकारों में बाँटा गया है। 🟩 समास के मुख्य प्रकार 1. अव्ययीभाव समास संरचना इस समास में— • पहला पद अव्यय होता है • दूसरा पद संज्ञा या विशेषण होता है • समस्त पद अव्यय की तरह कार्य करता है पहचान यदि समास-विग्रह में— के अनुसार, के साथ, के बिना, के बाद, के पहले जैसे शब्द आएँ, तो वह अव्ययीभाव समास होता है। उदाहरण यथाशक्ति → शक्ति के अनुसार प्रतिदिन → दिन के प्रति आजन्म → जन्म तक निर्भय → भय के बिना 2. तत्पुरुष समास संरचना इस समास में— • उत्तरपद प्रधान होता है • पूर्वपद, उत्तरपद का विशेषण या संबंध बताता है • बीच की विभक्ति का लोप हो जाता है समास-विग्रह का संकेत का, के, की, से, में, पर, द्वारा आदि का प्रयोग। उदाहरण राजपुत्र → राजा का पुत्र देशभक्ति → देश के प्रति भक्ति जलपान → जल का पान वनवास → वन में वास तत्पुरुष के उपप्रकार (संक्षेप) • कर्म तत्पुरुष • करण तत्पुरुष • संप्रदान तत्पुरुष • अपादान तत्पुरुष • संबंध तत्पुरुष • अधिकरण तत्पुरुष 3. कर्मधारय समास संरचना इस समास में— • पूर्वपद और उत्तरपद में विशेषण–विशेष्य का संबंध होता है • दोनों पद समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं • उत्तरपद प्रधान माना जाता है पहचान समास-विग्रह में— जो…, वह… या है जो जैसे भाव आते हैं। उदाहरण नीलकमल → नीला है जो कमल महापुरुष → महान है जो पुरुष शुभकार्य → शुभ है जो कार्य 4. द्वंद्व समास संरचना इस समास में— • दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं • ‘और’, ‘तथा’, ‘एवं’ का भाव होता है पहचान यदि समास-विग्रह में और आए, तो द्वंद्व समास होता है। उदाहरण राम-श्याम → राम और श्याम माता-पिता → माता और पिता सुख-दुःख → सुख और दुःख 5. द्विगु समास संरचना इस समास में— • पहला पद संख्या-वाचक होता है • समस्त पद संज्ञा होता है पहचान यदि समास में एक, दो, तीन, चार आदि संख्या आए। उदाहरण त्रिलोकी → तीन लोकों का समूह पंचवटी → पाँच वटों का समूह द्विपाद → दो पैरों वाला 6. बहुव्रीहि समास संरचना इस समास में— • कोई भी पद प्रधान नहीं होता • समस्त पद किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु का बोध कराता है पहचान यदि समास-विग्रह में जिसका…, वह… आए। उदाहरण नीलकंठ → जिसका कंठ नीला है (शिव) चतुर्भुज → जिसके चार भुजाएँ हैं दशानन → जिसके दस मुख हैं 3. समास-प्रकार पहचानने की क्रमबद्ध विधि Step–1 : समास-विग्रह कीजिए Step–2 : देखिए किस पद की प्रधानता है Step–3 : पहचान सूत्र लगाइए Step–4 : समास का प्रकार निर्धारित कीजिए 4. समास और भाषा-संरचना समास भाषा को— • संक्षिप्त • अर्थपूर्ण • प्रवाहशील • साहित्यिक बनाता है। बिना समास के हिंदी भाषा न तो इतनी प्रभावी होती और न ही इतनी समृद्ध। 5. परीक्षा-दृष्टि से महत्त्व परीक्षा में प्रायः पूछा जाता है— • समास-विग्रह • समास का प्रकार • समस्त पद बनाइए • अशुद्ध समास सुधारिए इसलिए समास की संरचना और प्रकारों की स्पष्ट समझ अत्यंत आवश्यक है। 6. निष्कर्ष समास की संरचना और प्रकार हिंदी व्याकरण की रीढ़ हैं। इनके बिना न तो शब्द-निर्माण समझा जा सकता है और न ही भाषा का सौंदर्य।#Rules and Formulae
शब्द — समास : नियम व सूत्र (लगभग 2000 शब्द)
समास के नियम और सूत्र वह आधार हैं जिनकी सहायता से विद्यार्थी यह तय कर पाता है कि कोई समस्त पद किस प्रकार का है, उसका सही विग्रह क्या होगा और परीक्षा में उससे संबंधित प्रश्नों को बिना भ्रम हल किया जा सके। समास के नियम केवल परिभाषात्मक नहीं हैं, बल्कि वे तार्किक संकेत (identification rules) प्रदान करते हैं। 1. समास का मूल नियम नियम : जब दो या दो से अधिक पद आपस में मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं और उनके बीच की विभक्ति (का, के, में, से, पर, आदि) लुप्त हो जाती है, तो वह समास कहलाता है। सूत्र : पद + पद − विभक्ति = समास उदाहरण— राजा का पुत्र → राजपुत्र नीला है जो कमल → नीलकमल 2. समास-विग्रह का नियम नियम : समस्त पद को अर्थ के आधार पर तोड़कर मूल पदों में बदलना समास-विग्रह कहलाता है। सूत्र : समस्त पद → अर्थपूर्ण वाक्यांश उदाहरण— देशप्रेम → देश के प्रति प्रेम लोकहित → लोक का हित 3. प्रधानता का नियम (Golden Rule) नियम : समास का प्रकार इस बात से तय होता है कि अर्थ की प्रधानता किस पद पर है। • यदि उत्तरपद प्रधान हो → तत्पुरुष / कर्मधारय • यदि दोनों समान हों → द्वंद्व • यदि कोई भी पद प्रधान न हो → बहुव्रीहि 🟩 प्रकारानुसार नियम व सूत्र 4. अव्ययीभाव समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • पहला पद अव्यय होता है • समस्त पद भी अव्यय की तरह प्रयोग होता है • क्रिया से संबंध बनाता है पहचान सूत्र यदि विग्रह में आए— के अनुसार, के साथ, के बिना, के बाद, के पहले, के प्रति, तक → अव्ययीभाव समास सूत्र अव्यय + पद = अव्ययीभाव समास उदाहरण यथाशक्ति → शक्ति के अनुसार प्रतिदिन → दिन के प्रति आजन्म → जन्म तक निर्भय → भय के बिना 5. तत्पुरुष समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • उत्तरपद प्रधान होता है • पूर्वपद संबंध बताता है • विभक्ति का लोप होता है पहचान सूत्र यदि विग्रह में आए— का, के, की, से, में, पर, द्वारा, हेतु → तत्पुरुष समास सूत्र पूर्वपद + उत्तरपद (उत्तरपद प्रधान) = तत्पुरुष उदाहरण राजपुत्र → राजा का पुत्र देशभक्ति → देश के प्रति भक्ति वनवास → वन में वास जलपान → जल का पान तत्पुरुष के उपसूत्र (Exam Traps) • कर्म → कर्म का संबंध • करण → साधन से संबंध • संप्रदान → के लिए • अपादान → से अलग • अधिकरण → में / पर 6. कर्मधारय समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • विशेषण–विशेष्य संबंध • दोनों पद लगभग समान महत्व के • उत्तरपद प्रधान माना जाता है पहचान सूत्र यदि विग्रह में आए— जो … वह … या है जो … → कर्मधारय समास सूत्र विशेषण + विशेष्य = कर्मधारय उदाहरण नीलकमल → नीला है जो कमल महापुरुष → महान है जो पुरुष शुभकार्य → शुभ है जो कार्य 7. द्वंद्व समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • दोनों पद समान रूप से प्रधान • जोड़ने का भाव पहचान सूत्र यदि विग्रह में आए— और / तथा / एवं → द्वंद्व समास सूत्र पद₁ + पद₂ (दोनों समान) = द्वंद्व उदाहरण राम-श्याम → राम और श्याम माता-पिता → माता और पिता सुख-दुःख → सुख और दुःख 8. द्विगु समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • पहला पद संख्या-वाचक • समस्त पद संज्ञा पहचान सूत्र यदि समस्त पद में संख्या आए → द्विगु सूत्र संख्या + संज्ञा = द्विगु उदाहरण त्रिलोकी → तीन लोकों का समूह पंचवटी → पाँच वटों का समूह सप्तसागर → सात सागर 9. बहुव्रीहि समास : नियम व सूत्र मुख्य नियम • कोई भी पद प्रधान नहीं • अर्थ किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु की ओर पहचान सूत्र यदि विग्रह में आए— जिसका / जिसकी / जिसके … वह … → बहुव्रीहि समास सूत्र पद₁ + पद₂ → तीसरे का बोध उदाहरण नीलकंठ → जिसका कंठ नीला है चतुर्भुज → जिसकी चार भुजाएँ हैं दशानन → जिसके दस मुख हैं 10. समास पहचानने की Step-by-Step विधि Step 1 : समास-विग्रह लिखिए Step 2 : देखिए कौन-सा पद प्रधान है Step 3 : पहचान सूत्र मिलाइए Step 4 : समास का प्रकार तय कीजिए 11. संधि बनाम समास : परीक्षा सूत्र • संधि → वर्ण परिवर्तन • समास → अर्थ संक्षेप • संधि ध्वनि-प्रधान • समास अर्थ-प्रधान 12. सामान्य भ्रम और समाधान भ्रम : हर संयुक्त शब्द समास है सत्य : विभक्ति-लोप और अर्थ-संक्षेप अनिवार्य है भ्रम : कर्मधारय और तत्पुरुष समान हैं सत्य : कर्मधारय में विशेषण–विशेष्य संबंध होता है 13. परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाने वाले सूत्र • जिसका … वह … → बहुव्रीहि • और / तथा → द्वंद्व • संख्या → द्विगु • का / के / में → तत्पुरुष • जो … वह … → कर्मधारय • के अनुसार / तक → अव्ययीभाव 14. निष्कर्ष समास के नियम और सूत्र हिंदी व्याकरण की सबसे शक्तिशाली पहचान-प्रणाली हैं। इन्हें समझ लेने पर कोई भी समास प्रश्न—विग्रह हो या प्रकार—भ्रम पैदा नहीं करता।#Examples
शब्द — समास : उदाहरण (प्रकारानुसार)
नीचे सभी मुख्य समास प्रकारों के स्पष्ट, मानक और परीक्षा में स्वीकार्य उदाहरण दिए गए हैं। हर उदाहरण के साथ समास-विग्रह भी दिया गया है। 🔷 (1) अव्ययीभाव समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : विग्रह में — के अनुसार, के साथ, के बिना, तक, प्रति आदि आते हैं। 1. यथाशक्ति → शक्ति के अनुसार 2. प्रतिदिन → दिन के प्रति 3. आजन्म → जन्म तक 4. यथासंभव → संभव के अनुसार 5. यथास्थान → स्थान के अनुसार 6. सपरिवार → परिवार के साथ 7. निर्भय → भय के बिना 8. ससम्मान → सम्मान के साथ 9. यथाविधि → विधि के अनुसार 10. यथाक्रम → क्रम के अनुसार 🔷 (2) तत्पुरुष समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : विग्रह में — का, के, की, से, में, पर, द्वारा आदि आते हैं। उत्तरपद प्रधान होता है। 11. राजपुत्र → राजा का पुत्र 12. देशप्रेम → देश के प्रति प्रेम 13. जलपान → जल का पान 14. वनवास → वन में वास 15. गृहप्रवेश → घर में प्रवेश 16. राष्ट्रनिर्माण → राष्ट्र का निर्माण 17. जनसेवा → जन की सेवा 18. देवपूजा → देव की पूजा 19. पुस्तकालय → पुस्तकों का आलय 20. आत्मविश्वास → आत्म का विश्वास 🔷 (3) कर्मधारय समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : विग्रह में — जो … वह … / है जो … विशेषण–विशेष्य संबंध। 21. नीलकमल → नीला है जो कमल 22. महापुरुष → महान है जो पुरुष 23. शुभकार्य → शुभ है जो कार्य 24. मधुरवाणी → मधुर है जो वाणी 25. श्वेतवस्त्र → श्वेत है जो वस्त्र 26. विशालभवन → विशाल है जो भवन 27. सुंदरकन्या → सुंदर है जो कन्या 28. तीव्रगति → तीव्र है जो गति 29. धर्मात्मा → धर्मयुक्त है जो आत्मा 30. सत्यवचन → सत्य है जो वचन 🔷 (4) द्वंद्व समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : विग्रह में — और / तथा / एवं दोनों पद समान रूप से प्रधान। 31. माता-पिता → माता और पिता 32. राम-श्याम → राम और श्याम 33. सुख-दुःख → सुख और दुःख 34. दिन-रात → दिन और रात 35. जल-थल → जल और थल 36. राजा-रंक → राजा और रंक 37. पाप-पुण्य → पाप और पुण्य 38. नर-नारी → नर और नारी 39. ऊँच-नीच → ऊँच और नीच 40. लाभ-हानि → लाभ और हानि 🔷 (5) द्विगु समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : पहला पद संख्या-वाचक होता है। 41. त्रिलोकी → तीन लोकों का समूह 42. पंचवटी → पाँच वटों का समूह 43. द्विपाद → दो पैरों वाला 44. सप्तसागर → सात सागर 45. चतुर्युग → चार युग 46. दशानन → दस मुखों वाला 47. त्रिभुवन → तीन भुवनों का समूह 48. नवग्रह → नौ ग्रह 49. षडऋतु → छह ऋतुएँ 50. अष्टाध्यायी → आठ अध्यायों वाली 🔷 (6) बहुव्रीहि समास — उदाहरण परिभाषा संकेत : विग्रह में — जिसका / जिसकी / जिसके … वह … किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु का बोध। 51. नीलकंठ → जिसका कंठ नीला है (शिव) 52. चतुर्भुज → जिसकी चार भुजाएँ हैं 53. दशानन → जिसके दस मुख हैं (रावण) 54. पीतांबर → जिसने पीत वस्त्र धारण किया है 55. लंबोदर → जिसका उदर लंबा है (गणेश) 56. चक्रपाणि → जिसके हाथ में चक्र है (विष्णु) 57. त्रिनेत्र → जिसके तीन नेत्र हैं (शिव) 58. गजानन → जिसका मुख हाथी जैसा है 59. मृगनयनी → जिसके नेत्र हिरण जैसे हैं 60. नीललोहित → जिसका रंग नीला-लाल है 🔷 (7) मिश्रित एवं परीक्षा-प्रचलित समास — उदाहरण 61. लोककल्याण → लोक का कल्याण (तत्पुरुष) 62. राष्ट्रहित → राष्ट्र का हित (तत्पुरुष) 63. महोत्सव → महान है जो उत्सव (कर्मधारय) 64. जनसमूह → जनों का समूह (तत्पुरुष) 65. धर्मयुद्ध → धर्म के लिए युद्ध (तत्पुरुष) 66. सत्याग्रह → सत्य के लिए आग्रह (तत्पुरुष) 67. आत्मसम्मान → आत्म का सम्मान (तत्पुरुष) 68. लोकसेवा → लोक की सेवा (तत्पुरुष) 69. जनहित → जन का हित (तत्पुरुष) 70. महायोग → महान है जो योग (कर्मधारय) 🔷 (8) अत्यंत महत्वपूर्ण बोर्ड-स्तरीय उदाहरण 71. प्रधानाचार्य → प्रधान है जो आचार्य (कर्मधारय) 72. राष्ट्रभाषा → राष्ट्र की भाषा (तत्पुरुष) 73. लोकसभा → लोक की सभा (तत्पुरुष) 74. विधानसभा → विधान की सभा (तत्पुरुष) 75. आत्मनिर्भर → आत्म पर निर्भर (तत्पुरुष) 76. परोपकार → पर का उपकार (तत्पुरुष) 77. धर्मपाल → धर्म का पालन करने वाला (बहुव्रीहि) 78. जलपोत → जल में चलने वाला पोत (तत्पुरुष) 79. गगनचुंबी → जो गगन को चूमे (बहुव्रीहि) 80. करुणासागर → करुणा का सागर (कर्मधारय) 🔷 (9) अतिरिक्त अभ्यास-योग्य उदाहरण 81. मानवधर्म → मानव का धर्म 82. जनचेतना → जन की चेतना 83. विश्वशांति → विश्व की शांति 84. लोकप्रसिद्ध → लोक में प्रसिद्ध 85. राष्ट्रगौरव → राष्ट्र का गौरव 86. महाविद्यालय → महान है जो विद्यालय 87. पुस्तकप्रेम → पुस्तकों से प्रेम 88. जलमार्ग → जल में मार्ग 89. पर्वतशिखर → पर्वत का शिखर 90. बालकृष्ण → बालक रूप वाला कृष्ण 91. कर्मवीर → कर्म में वीर 92. तपस्वी → तप करने वाला 93. सत्यनिष्ठ → सत्य में निष्ठा रखने वाला 94. लोकनायक → लोक का नायक 95. जनप्रिय → जन को प्रिय 96. राष्ट्रनिर्माण → राष्ट्र का निर्माण 97. आत्मकल्याण → आत्म का कल्याण 98. समाजसेवा → समाज की सेवा 99. ज्ञानदीप → ज्ञान का दीप 100. धर्ममार्ग → धर्म का मार्ग#Actual Use
शब्द — समास : वास्तविक प्रयोग (प्रकारानुसार)
नीचे सभी प्रमुख समास के प्रकारों के अंतर्गत वास्तविक, स्वाभाविक और परीक्षा-मान्य वाक्य प्रयोग दिए गए हैं। कुल प्रयोग = 100 🔷 (1) अव्ययीभाव समास — वास्तविक प्रयोग 1. वह यथाशक्ति सहायता करता है। 2. विद्यार्थी प्रतिदिन अध्ययन करता है। 3. उसने आजन्म सत्य का पालन किया। 4. कार्य यथासंभव शीघ्र पूरा करें। 5. अतिथि का ससम्मान स्वागत हुआ। 6. सैनिक निर्भय होकर सीमा पर डटा है। 7. वह सपरिवार यात्रा पर गया। 8. सभी नियम यथाविधि लागू किए गए। 9. कार्य यथाक्रम संपन्न हुआ। 10. उसने यथास्थान बैठने का निर्देश दिया। 🔷 (2) तत्पुरुष समास — वास्तविक प्रयोग 11. देशप्रेम प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 12. राजपुत्र को शिक्षा दी गई। 13. जनसेवा से समाज का कल्याण होता है। 14. लोककल्याण सरकार का उद्देश्य है। 15. राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। 16. वनवास का जीवन कठिन होता है। 17. देवपूजा से मन को शांति मिलती है। 18. पुस्तकालय अध्ययन के लिए उत्तम स्थान है। 19. आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। 20. धर्मयुद्ध का वर्णन इतिहास में मिलता है। 21. लोकसभा में विधेयक पारित हुआ। 22. राष्ट्रहित सर्वोपरि है। 23. आत्मसम्मान बनाए रखना चाहिए। 24. जलपान के बाद सभा आरंभ हुई। 25. समाजसेवा से सच्चा सुख मिलता है। 🔷 (3) कर्मधारय समास — वास्तविक प्रयोग 26. महापुरुषों का जीवन प्रेरणादायक होता है। 27. नीलकमल तालाब में खिला है। 28. शुभकार्य शुभ मुहूर्त में हुआ। 29. मधुरवाणी से विवाद सुलझ जाता है। 30. प्रधानाचार्य ने सभा को संबोधित किया। 31. सत्यवचन बोलना चाहिए। 32. धर्मात्मा व्यक्ति समाज में सम्मानित होता है। 33. विशालभवन दूर से दिखाई दे रहा है। 34. तीव्रगति से वाहन आगे बढ़ा। 35. करुणासागर संत का हृदय विशाल होता है। 🔷 (4) द्वंद्व समास — वास्तविक प्रयोग 36. माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। 37. सुख-दुःख जीवन के दो पहलू हैं। 38. दिन-रात मेहनत करने से सफलता मिलती है। 39. राम-श्याम दोनों मित्र हैं। 40. राजा-रंक सभी कानून के सामने समान हैं। 41. पाप-पुण्य का हिसाब कर्म से होता है। 42. नर-नारी समान अधिकार रखते हैं। 43. ऊँच-नीच का भेदभाव नहीं होना चाहिए। 44. लाभ-हानि का विचार आवश्यक है। 45. जल-थल दोनों पर सेना तैनात है। 🔷 (5) द्विगु समास — वास्तविक प्रयोग 46. त्रिलोकी का वर्णन पुराणों में है। 47. पंचवटी में राम ने निवास किया था। 48. सप्तसागर पृथ्वी को घेरे हुए हैं। 49. नवग्रह की पूजा की जाती है। 50. चतुर्युग का सिद्धांत हिंदू धर्म में है। 51. द्विपाद मनुष्य कहलाता है। 52. अष्टाध्यायी पाणिनि की रचना है। 53. त्रिभुवन ईश्वर की लीला का क्षेत्र है। 54. षड्ऋतु भारत की विशेषता हैं। 55. दशानन का वध राम ने किया। 🔷 (6) बहुव्रीहि समास — वास्तविक प्रयोग 56. नीलकंठ भगवान शिव का नाम है। 57. चतुर्भुज विष्णु की मूर्ति दर्शनीय है। 58. पीतांबरधारी कृष्ण की छवि मनोहारी है। 59. गजानन की पूजा सर्वप्रथम होती है। 60. त्रिनेत्र शिव संहार के देवता हैं। 61. दशानन रावण लंकेश था। 62. मृगनयनी नायिका सुंदर थी। 63. लंबोदर गणेश विघ्नहर्ता हैं। 64. चक्रपाणि विष्णु का एक नाम है। 65. गगनचुंबी इमारत शहर की पहचान बन गई। 🔷 (7) मिश्रित व अत्यंत प्रचलित समास — वास्तविक प्रयोग 66. लोकनायक जनता का मार्गदर्शक होता है। 67. जनप्रिय नेता को सभी पसंद करते हैं। 68. राष्ट्रभाषा का सम्मान करना चाहिए। 69. विश्वशांति के लिए प्रयास आवश्यक हैं। 70. मानवधर्म सर्वोच्च धर्म है। 71. आत्मकल्याण के लिए संयम आवश्यक है। 72. राष्ट्रगौरव बढ़ाने का प्रयास करें। 73. लोकप्रसिद्ध लेखक का सम्मान हुआ। 74. समाजकल्याण से विकास संभव है। 75. ज्ञानदीप अज्ञान का अंधकार मिटाता है। 76. धर्ममार्ग कठिन किंतु श्रेष्ठ है। 77. कर्मवीर व्यक्ति कभी हार नहीं मानता। 78. सत्यनिष्ठ अधिकारी प्रशंसनीय होता है। 79. लोकसेवा से आत्मसंतोष मिलता है। 80. आत्मनिर्भर राष्ट्र ही सशक्त होता है। 🔷 (8) परीक्षा-उपयोगी सामान्य प्रयोग 81. राष्ट्रनिर्माण में शिक्षा का महत्त्व है। 82. जनचेतना से परिवर्तन आता है। 83. विश्वकल्याण की भावना रखें। 84. लोकसंस्कृति हमारी पहचान है। 85. मानवाधिकारों की रक्षा आवश्यक है। 86. महाविद्यालय में प्रवेश शुरू हुआ। 87. जलमार्ग से व्यापार बढ़ा। 88. पर्वतशिखर पर ध्वज फहराया गया। 89. बालकृष्ण की लीला प्रसिद्ध है। 90. समाजहित में निर्णय लिया गया। 91. लोकप्रशासन की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। 92. धर्मसंघ की बैठक हुई। 93. राष्ट्रप्रेम हर नागरिक का कर्तव्य है। 94. आत्मसंयम से सफलता मिलती है। 95. लोकमंगल की कामना करें। 96. जनकल्याण से ही सच्चा विकास होता है। 97. समाजसेवी व्यक्ति आदर्श होता है। 98. ज्ञानमार्ग कठिन पर श्रेष्ठ है। 99. राष्ट्रसेवा सर्वोच्च सेवा है। 100. लोकहित सर्वोपरि होना चाहिए।#Exercise (Objective)
शब्द — समास : अभ्यास (Objective) – 50 प्रश्न-उत्तर
निर्देश : प्रत्येक प्रश्न का सही उत्तर दीजिए। सभी प्रश्नों के उत्तर साथ में दिए गए हैं। 🔹 भाग–A : बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) 1. समास किसे कहते हैं? (a) वर्णों के मेल को (b) शब्दों के अर्थ को (c) पदों के संक्षेप को (d) वाक्य-रचना को उत्तर : (c)2. ‘राजपुत्र’ में कौन-सा समास है? (a) द्वंद्व (b) कर्मधारय (c) तत्पुरुष (d) बहुव्रीहि उत्तर : (c)
3. ‘नीलकमल’ में समास का प्रकार है— (a) द्वंद्व (b) तत्पुरुष (c) कर्मधारय (d) अव्ययीभाव उत्तर : (c)
4. ‘माता-पिता’ किस समास का उदाहरण है? (a) द्विगु (b) द्वंद्व (c) तत्पुरुष (d) बहुव्रीहि उत्तर : (b)
5. ‘त्रिलोकी’ में कौन-सा समास है? (a) द्विगु (b) द्वंद्व (c) कर्मधारय (d) तत्पुरुष उत्तर : (a)
6. ‘नीलकंठ’ किस समास का उदाहरण है? (a) कर्मधारय (b) तत्पुरुष (c) बहुव्रीहि (d) द्विगु उत्तर : (c)
7. ‘यथाशक्ति’ में समास का प्रकार है— (a) द्वंद्व (b) अव्ययीभाव (c) तत्पुरुष (d) कर्मधारय उत्तर : (b)
8. ‘देशप्रेम’ किस समास का उदाहरण है? (a) कर्मधारय (b) द्वंद्व (c) तत्पुरुष (d) बहुव्रीहि उत्तर : (c)
9. ‘राम-श्याम’ में कौन-सा समास है? (a) द्विगु (b) कर्मधारय (c) द्वंद्व (d) तत्पुरुष उत्तर : (c)
10. ‘पंचवटी’ में कौन-सा समास है? (a) द्वंद्व (b) द्विगु (c) बहुव्रीहि (d) तत्पुरुष उत्तर : (b)
🔹 भाग–B : रिक्त स्थान भरिए 11. दो या दो से अधिक पदों के मेल से बने शब्द को ______ कहते हैं। उत्तर : समस्त पद
12. समास को तोड़ने की प्रक्रिया को ______ कहते हैं। उत्तर : समास-विग्रह
13. ‘का, के, की’ के लोप से बनने वाला समास ______ कहलाता है। उत्तर : तत्पुरुष
14. संख्या-वाचक पद से बनने वाला समास ______ कहलाता है। उत्तर : द्विगु
15. ‘और’ भाव वाला समास ______ कहलाता है। उत्तर : द्वंद्व
🔹 भाग–C : सत्य / असत्य 16. समास में विभक्ति का लोप होता है। उत्तर : सत्य
17. कर्मधारय समास में विशेषण–विशेष्य संबंध होता है। उत्तर : सत्य
18. बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता। उत्तर : सत्य
19. द्वंद्व समास में उत्तरपद प्रधान होता है। उत्तर : असत्य
20. ‘लोकसेवा’ अव्ययीभाव समास है। उत्तर : असत्य
🔹 भाग–D : समास पहचानिए 21. नीलकमल उत्तर : कर्मधारय समास
22. राजपुत्र उत्तर : तत्पुरुष समास
23. माता-पिता उत्तर : द्वंद्व समास
24. नीलकंठ उत्तर : बहुव्रीहि समास
25. त्रिलोकी उत्तर : द्विगु समास
🔹 भाग–E : समास-विग्रह कीजिए 26. देशप्रेम उत्तर : देश के प्रति प्रेम
27. महापुरुष उत्तर : महान है जो पुरुष
28. सुख-दुःख उत्तर : सुख और दुःख
29. पंचवटी उत्तर : पाँच वटों का समूह
30. नीलकंठ उत्तर : जिसका कंठ नीला है
🔹 भाग–F : अतिरिक्त वस्तुनिष्ठ प्रश्न 31. ‘प्रतिदिन’ में कौन-सा समास है? उत्तर : अव्ययीभाव
32. ‘लोकसभा’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : तत्पुरुष
33. ‘महापुरुष’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय
34. ‘राम-लक्ष्मण’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व
35. ‘दशानन’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि
🔹 भाग–G : अंतिम प्रश्न 36. समास का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर : भाषा को संक्षिप्त और प्रभावी बनाना।
37. समास के कितने मुख्य प्रकार हैं? उत्तर : छह।
38. ‘जनसेवा’ में कौन-सा समास है? उत्तर : तत्पुरुष।
39. ‘यथाविधि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव।
40. ‘चतुर्भुज’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि।
41. ‘द्विपाद’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु।
42. ‘लाभ-हानि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व।
43. ‘प्रधानाचार्य’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय।
44. समास और संधि में एक अंतर लिखिए। उत्तर : समास अर्थ-प्रधान है, संधि ध्वनि-प्रधान।
45. ‘लोकहित’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : तत्पुरुष।
46. ‘त्रिभुवन’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु।
47. ‘निर्भय’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव।
48. ‘सत्यवचन’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय।
49. ‘नर-नारी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व।
50. ‘गगनचुंबी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि।
#Exercise (Subjective)
शब्द — समास : अभ्यास (Subjective) – 50 प्रश्न-उत्तर
निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट, सरल और व्याकरणिक भाषा में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के साथ आदर्श उत्तर दिया गया है। 1. समास की परिभाषा लिखिए। उत्तर : दो या दो से अधिक पदों के मेल से, बीच की विभक्ति का लोप होकर, बनने वाले संक्षिप्त शब्द को समास कहते हैं।2. समास शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है? उत्तर : संक्षेप या जोड़।
3. समास का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर : भाषा को संक्षिप्त, स्पष्ट और प्रभावी बनाना।
4. समस्त पद किसे कहते हैं? उत्तर : समास से बना हुआ संयुक्त शब्द समस्त पद कहलाता है।
5. समास-विग्रह किसे कहते हैं? उत्तर : समस्त पद को तोड़कर उसके मूल पदों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है।
6. अव्ययीभाव समास की परिभाषा लिखिए। उत्तर : जिस समास में पहला पद अव्यय होता है और समस्त पद भी अव्यय की तरह कार्य करता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।
7. ‘यथाशक्ति’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : शक्ति के अनुसार।
8. तत्पुरुष समास किसे कहते हैं? उत्तर : जिस समास में उत्तरपद प्रधान होता है और विभक्ति का लोप हो जाता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
9. ‘राजपुत्र’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : राजा का पुत्र।
10. कर्मधारय समास की परिभाषा लिखिए। उत्तर : जिस समास में विशेषण-विशेष्य का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
11. ‘नीलकमल’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : नीला है जो कमल।
12. द्वंद्व समास किसे कहते हैं? उत्तर : जिस समास में दोनों पद समान रूप से प्रधान हों, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
13. ‘माता-पिता’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : माता और पिता।
14. द्विगु समास की परिभाषा लिखिए। उत्तर : जिस समास में पहला पद संख्या-वाचक होता है, उसे द्विगु समास कहते हैं।
15. ‘पंचवटी’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : पाँच वटों का समूह।
16. बहुव्रीहि समास किसे कहते हैं? उत्तर : जिस समास में कोई भी पद प्रधान न होकर किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध कराए, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
17. ‘नीलकंठ’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : जिसका कंठ नीला है।
18. समास के कितने मुख्य प्रकार हैं? उत्तर : छह।
19. समास के नाम लिखिए। उत्तर : अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्वंद्व, द्विगु, बहुव्रीहि।
20. समास और संधि में अंतर लिखिए। उत्तर : समास अर्थ-प्रधान है, जबकि संधि ध्वनि-प्रधान होती है।
21. ‘देशप्रेम’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : देश के प्रति प्रेम।
22. ‘महापुरुष’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास।
23. ‘सुख-दुःख’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व समास।
24. ‘त्रिलोकी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु समास।
25. ‘निर्भय’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव समास।
26. समास में विभक्ति का क्या होता है? उत्तर : विभक्ति का लोप हो जाता है।
27. ‘जनसेवा’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : जन की सेवा।
28. ‘प्रधानाचार्य’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास।
29. ‘राम-लक्ष्मण’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व समास।
30. ‘चतुर्भुज’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि समास।
31. समास का प्रयोग भाषा में क्यों किया जाता है? उत्तर : भाषा को संक्षिप्त, सुंदर और प्रभावी बनाने के लिए।
32. ‘लोकहित’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : लोक का हित।
33. ‘यथाविधि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव समास।
34. ‘दशानन’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : जिसके दस मुख हैं।
35. ‘सत्यवचन’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास।
36. ‘लाभ-हानि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व समास।
37. ‘अष्टाध्यायी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु समास।
38. ‘गगनचुंबी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि समास।
39. समास पहचानने का एक नियम लिखिए। उत्तर : समास-विग्रह करने पर विभक्ति का लोप दिखाई देता है।
40. ‘राष्ट्रनिर्माण’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : राष्ट्र का निर्माण।
41. ‘यथाक्रम’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव समास।
42. ‘महायोग’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास।
43. ‘नर-नारी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व समास।
44. ‘सप्तसागर’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु समास।
45. ‘पीतांबर’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि समास।
46. समास का एक लाभ लिखिए। उत्तर : कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट होता है।
47. ‘लोकसभा’ का समास-विग्रह कीजिए। उत्तर : लोक की सभा।
48. ‘करुणासागर’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास।
49. ‘रामराज्य’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : तत्पुरुष समास।
50. समास का एक उदाहरण लिखिए। उत्तर : महापुरुष।
#Worksheet
शब्द — समास : Worksheet (50 मिश्रित प्रश्न–उत्तर)
निर्देश : नीचे दिए गए प्रश्नों में बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान, सत्य/असत्य, समास-विग्रह, समास-प्रकार पहचान और निर्माण सभी प्रकार सम्मिलित हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर साथ में दिए गए हैं। 🔹 भाग–A : बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) 1. समास का शाब्दिक अर्थ है— (a) विस्तार (b) विभाजन (c) संक्षेप (d) परिवर्तन उत्तर : (c)2. ‘नीलकमल’ में कौन-सा समास है? (a) तत्पुरुष (b) कर्मधारय (c) द्वंद्व (d) बहुव्रीहि उत्तर : (b)
3. ‘राजपुत्र’ किस समास का उदाहरण है? (a) द्वंद्व (b) कर्मधारय (c) तत्पुरुष (d) द्विगु उत्तर : (c)
4. ‘माता-पिता’ में समास का प्रकार है— (a) द्वंद्व (b) द्विगु (c) बहुव्रीहि (d) कर्मधारय उत्तर : (a)
5. ‘पंचवटी’ किस समास का उदाहरण है? (a) द्वंद्व (b) द्विगु (c) तत्पुरुष (d) अव्ययीभाव उत्तर : (b)
6. ‘नीलकंठ’ किस समास का उदाहरण है? (a) कर्मधारय (b) तत्पुरुष (c) बहुव्रीहि (d) द्विगु उत्तर : (c)
7. ‘यथाशक्ति’ में कौन-सा समास है? (a) तत्पुरुष (b) अव्ययीभाव (c) कर्मधारय (d) द्वंद्व उत्तर : (b)
8. ‘सुख-दुःख’ में कौन-सा समास है? (a) द्विगु (b) तत्पुरुष (c) द्वंद्व (d) बहुव्रीहि उत्तर : (c)
9. ‘दशानन’ किस समास का उदाहरण है? (a) द्विगु (b) कर्मधारय (c) बहुव्रीहि (d) तत्पुरुष उत्तर : (c)
10. ‘प्रतिदिन’ में कौन-सा समास है? (a) तत्पुरुष (b) द्वंद्व (c) अव्ययीभाव (d) कर्मधारय उत्तर : (c)
🔹 भाग–B : रिक्त स्थान भरिए 11. दो या दो से अधिक पदों के संक्षेप को ______ कहते हैं। उत्तर : समास
12. समास से बने शब्द को ______ कहते हैं। उत्तर : समस्त पद
13. समस्त पद को तोड़ना ______ कहलाता है। उत्तर : समास-विग्रह
14. संख्या-वाचक पद से बनने वाला समास ______ कहलाता है। उत्तर : द्विगु
15. ‘और’ भाव वाला समास ______ कहलाता है। उत्तर : द्वंद्व
🔹 भाग–C : सत्य / असत्य 16. समास में विभक्ति का लोप होता है। उत्तर : सत्य
17. कर्मधारय समास में विशेषण-विशेष्य संबंध होता है। उत्तर : सत्य
18. बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता। उत्तर : सत्य
19. द्वंद्व समास में उत्तरपद प्रधान होता है। उत्तर : असत्य
20. ‘देशप्रेम’ अव्ययीभाव समास है। उत्तर : असत्य
🔹 भाग–D : समास-विग्रह कीजिए 21. देशप्रेम उत्तर : देश के प्रति प्रेम
22. नीलकमल उत्तर : नीला है जो कमल
23. माता-पिता उत्तर : माता और पिता
24. पंचवटी उत्तर : पाँच वटों का समूह
25. नीलकंठ उत्तर : जिसका कंठ नीला है
🔹 भाग–E : समास का प्रकार लिखिए 26. महापुरुष उत्तर : कर्मधारय समास
27. लोकसभा उत्तर : तत्पुरुष समास
28. राम-लक्ष्मण उत्तर : द्वंद्व समास
29. त्रिलोकी उत्तर : द्विगु समास
30. पीतांबर उत्तर : बहुव्रीहि समास
🔹 भाग–F : समस्त पद बनाइए 31. राजा का पुत्र उत्तर : राजपुत्र
32. नीला है जो कमल उत्तर : नीलकमल
33. पाँच वटों का समूह उत्तर : पंचवटी
34. सुख और दुःख उत्तर : सुख-दुःख
35. जिसका मुख हाथी जैसा है उत्तर : गजानन
🔹 भाग–G : वाक्य प्रयोग 36. ‘देशप्रेम’ शब्द से वाक्य बनाइए। उत्तर : देशप्रेम प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
37. ‘महापुरुष’ शब्द का प्रयोग कीजिए। उत्तर : महापुरुषों का जीवन प्रेरणादायक होता है।
38. ‘माता-पिता’ शब्द से वाक्य बनाइए। उत्तर : माता-पिता का सम्मान करना चाहिए।
39. ‘नीलकंठ’ शब्द से वाक्य बनाइए। उत्तर : नीलकंठ भगवान शिव का नाम है।
40. ‘पंचवटी’ शब्द का प्रयोग कीजिए। उत्तर : पंचवटी राम की तपोभूमि थी।
🔹 भाग–H : अतिरिक्त प्रश्न 41. समास का एक लाभ लिखिए। उत्तर : भाषा संक्षिप्त और प्रभावी बनती है।
42. समास और संधि में एक अंतर लिखिए। उत्तर : समास अर्थ-प्रधान है, संधि ध्वनि-प्रधान।
43. ‘यथाविधि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : अव्ययीभाव समास
44. ‘चतुर्भुज’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि समास
45. ‘जनसेवा’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : तत्पुरुष समास
46. ‘लाभ-हानि’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्वंद्व समास
47. ‘अष्टाध्यायी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : द्विगु समास
48. ‘प्रधानाचार्य’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : कर्मधारय समास
49. ‘गगनचुंबी’ किस समास का उदाहरण है? उत्तर : बहुव्रीहि समास
50. समास का एक उदाहरण लिखिए। उत्तर : लोककल्याण