#Detailed Summary
तीन बुद्धिमान
विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक सार (लगभग 2000+ शब्द)
‘तीन बुद्धिमान’ कक्षा 7 की ‘मल्हार’ पुस्तक में संकलित एक प्रेरणादायक एवं बौद्धिक कथा है, जो बुद्धि, तर्कशक्ति, अवलोकन-कौशल और सूक्ष्म दृष्टि के महत्व को अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है। यह कहानी तीन भाइयों के माध्यम से यह सिद्ध करती है कि वास्तविक धन संपत्ति नहीं, बल्कि तेज बुद्धि और पैनी दृष्टि है। कथा का मूल संदेश यह है कि गहराई से देखना, सोचना और समझना ही सच्चा ज्ञान है।
कहानी की शुरुआत तीन भाइयों से होती है, जो आर्थिक रूप से निर्धन थे। उनके पास भौतिक संपत्ति नहीं थी, परंतु उनके पिता ने उन्हें जीवन का एक अनमोल पाठ सिखाया था — “असली धन बुद्धि है।” पिता ने उन्हें समझाया कि यदि मनुष्य अपनी आँखें और मस्तिष्क खुला रखे, तो संसार की प्रत्येक वस्तु से सीख सकता है। गहरी समझ और तर्कपूर्ण दृष्टि जीवन की कठिनाइयों को सरल बना सकती है।
पिता की मृत्यु के पश्चात तीनों भाइयों ने संसार देखने और अपने ज्ञान की परीक्षा लेने का निश्चय किया। वे यात्रा पर निकल पड़े। यह यात्रा केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि बौद्धिक और आत्मिक यात्रा भी थी। उन्होंने ऊबड़-खाबड़ रास्तों, वीरान मैदानों और ऊँचे-नीचे पहाड़ों को पार किया। यह संघर्ष उनके धैर्य और साहस का प्रतीक है।
कई दिनों की कठिन यात्रा के बाद वे एक नगर के समीप पहुँचे। नगर के पास पहुँचते ही उनकी बुद्धि और अवलोकन-शक्ति की पहली परीक्षा सामने आई। सबसे बड़े भाई ने भूमि पर बड़े-बड़े पैरों के निशान देखे। उसने तुरंत निष्कर्ष निकाला कि यहाँ से एक विशाल ऊँट गुजरा है। उसका अनुमान केवल अनुमान नहीं था, बल्कि गहन निरीक्षण पर आधारित था।
मझले भाई ने मार्ग के दोनों ओर की घास को देखा। उसने पाया कि रास्ते की एक ओर की घास चर ली गई थी, जबकि दूसरी ओर की घास यथावत थी। उसने निष्कर्ष निकाला कि ऊँट एक आँख से अंधा था, इसलिए वह केवल एक दिशा की घास ही खा पाया। यह तर्कशक्ति अत्यंत सूक्ष्म निरीक्षण का परिणाम थी।
सबसे छोटे भाई ने और भी गहराई से निरीक्षण किया। उसने देखा कि ऊँट के बैठने के निशान के पास स्त्री और बच्चे के पैरों के चिह्न थे। उसने निष्कर्ष निकाला कि ऊँट पर एक महिला और एक बच्चा सवार थे। यह अनुमान उसकी पैनी दृष्टि और विश्लेषणात्मक क्षमता को दर्शाता है।
इसी बीच एक घुड़सवार वहाँ पहुँचा। वह अपने खोए हुए ऊँट की तलाश में था। तीनों भाइयों ने उससे पूछा कि क्या वह ऊँट खोज रहा है। घुड़सवार चौंक गया। जब भाइयों ने ऊँट के बारे में उसकी विशेषताएँ बताईं, तो उसे संदेह हुआ कि शायद ये ही चोर हैं। उसने उन्हें राजा के दरबार में ले जाकर आरोप लगाया कि उन्होंने उसका ऊँट और परिवार चुरा लिया है।
राजा ने जब तीनों भाइयों की बातें सुनीं तो उसे भी आश्चर्य हुआ। बिना ऊँट को देखे इतने सटीक अनुमान लगाना असाधारण था। राजा ने उनकी परीक्षा लेने का निश्चय किया। उसने एक बंद पेटी मँगवाई और पूछा कि उसमें क्या है।
सबसे बड़े भाई ने पेटी के आकार और वजन को देखकर कहा कि उसमें कोई गोल वस्तु है। मझले भाई ने कहा कि वह अनार है। सबसे छोटे भाई ने आगे बढ़कर कहा कि वह अनार अभी कच्चा है। जब पेटी खोली गई, तो सचमुच उसमें एक कच्चा अनार था। राजा उनकी सूझबूझ से अत्यंत प्रभावित हुआ।
राजा ने उनसे पूछा कि उन्होंने यह सब कैसे जाना। भाइयों ने क्रमशः अपने तर्क स्पष्ट किए। ऊँट के पैरों के बड़े निशानों से बड़े भाई ने उसके आकार का अनुमान लगाया। घास की स्थिति से मझले भाई ने उसकी एक आँख की कमी का निष्कर्ष निकाला। बैठने के निशान और पैरों के चिह्नों से छोटे भाई ने महिला और बच्चे की उपस्थिति का अनुमान लगाया।
पेटी के विषय में उन्होंने उसके वजन, आकार और लुढ़कने की ध्वनि से गोल वस्तु का अनुमान लगाया। उद्यान से आने के कारण उन्होंने अनार होने का निष्कर्ष निकाला। खिड़की से बाहर देखकर छोटे भाई ने देखा कि बगीचे में सभी अनार कच्चे थे, इसलिए उसने कहा कि पेटी में रखा अनार भी कच्चा होगा।
राजा उनकी तर्कशक्ति और बुद्धिमत्ता से अत्यंत प्रभावित हुआ। उसने स्वीकार किया कि यद्यपि वे धनवान नहीं हैं, किंतु उनके पास बुद्धि का अपार खजाना है। अंततः राजा ने उन्हें अपने दरबार में स्थान दिया।
इस कथा का मूल संदेश अत्यंत स्पष्ट है — जीवन में सच्चा धन बुद्धि, अवलोकन और विवेक है। जो व्यक्ति सूक्ष्म दृष्टि से संसार को देखता है, वह कभी असहाय नहीं होता। कहानी विद्यार्थियों को यह प्रेरणा देती है कि वे केवल सतही ज्ञान से संतुष्ट न रहें, बल्कि हर वस्तु और घटना को गहराई से समझने का प्रयास करें।
शैली की दृष्टि से यह कथा सरल, रोचक और शिक्षाप्रद है। इसमें घटनाओं का क्रमबद्ध विकास है। प्रत्येक घटना बुद्धि और तर्कशक्ति के महत्व को रेखांकित करती है। यह कहानी बच्चों में तार्किक चिंतन और विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करने के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
अंततः ‘तीन बुद्धिमान’ केवल मनोरंजन की कथा नहीं, बल्कि बौद्धिक विकास का प्रेरणास्रोत है। यह विद्यार्थियों को सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, यदि मनुष्य के पास सूझबूझ और पैनी दृष्टि है, तो वह जीवन में सफलता अवश्य प्राप्त कर सकता है।
#Key Highlights
तीन बुद्धिमान
मुख्य बिंदु (विश्लेषणात्मक अध्ययन)
1. कथा का केंद्रीय संदेश – “असली धन बुद्धि है”
कहानी का मूल भाव यह है कि धन-संपत्ति क्षणभंगुर है, परंतु बुद्धि और विवेक स्थायी संपत्ति हैं। तीनों भाइयों के पास भौतिक धन नहीं था, किंतु उनकी तीव्र अवलोकन-शक्ति ही उनका वास्तविक खजाना थी।
2. पिता की शिक्षाएँ – जीवन-दर्शन का आधार
कथा की नींव पिता द्वारा दी गई शिक्षा पर आधारित है। उन्होंने अपने पुत्रों को सिखाया कि हर वस्तु को गहराई से देखना और समझना चाहिए। यही शिक्षा आगे चलकर उनकी सफलता का कारण बनती है।
3. यात्रा का प्रतीकात्मक अर्थ
तीनों भाइयों की यात्रा केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि बौद्धिक और आत्म-विकास की यात्रा है। कठिन रास्ते जीवन की चुनौतियों का प्रतीक हैं।
4. अवलोकन-शक्ति का प्रदर्शन
ऊँट के पैरों के निशान देखकर बड़े भाई का निष्कर्ष, घास की स्थिति देखकर मझले भाई का अनुमान, तथा पैरों के चिह्नों से छोटे भाई का विश्लेषण – यह सब गहन अवलोकन और तार्किक चिंतन का उदाहरण है।
5. तर्कशक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
कहानी में अनुमान कल्पना पर आधारित नहीं, बल्कि प्रमाण और संकेतों पर आधारित है। यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचायक है।
6. समाज की संदेहात्मक प्रवृत्ति
घुड़सवार का भाइयों को चोर समझ लेना यह दर्शाता है कि समाज प्रायः असाधारण बुद्धि को संदेह की दृष्टि से देखता है।
7. न्यायिक परीक्षा – बुद्धि की कसौटी
राजा द्वारा पेटी की परीक्षा लेना न्याय और विवेक की परख का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सच्ची बुद्धि हर परिस्थिति में स्वयं को सिद्ध कर सकती है।
8. विश्लेषणात्मक क्षमता का उत्कर्ष
पेटी के वजन, आकार, ध्वनि और परिवेश के आधार पर अनार का अनुमान लगाना तार्किक विश्लेषण का श्रेष्ठ उदाहरण है।
9. छोटे भाई की सूक्ष्म दृष्टि
सबसे छोटे भाई ने खिड़की से बगीचे में कच्चे अनार देखकर पेटी में रखे अनार के कच्चे होने का अनुमान लगाया। यह गहन पर्यवेक्षण का चरम रूप है।
10. राजा का दृष्टिकोण परिवर्तन
प्रारंभ में राजा को संदेह था, किंतु परीक्षा के पश्चात वह उनकी प्रतिभा से प्रभावित हुआ। यह न्यायपूर्ण नेतृत्व का उदाहरण है।
11. निर्धनता बनाम बौद्धिक संपदा
कहानी स्पष्ट करती है कि निर्धन होना कमजोरी नहीं है। यदि व्यक्ति बुद्धिमान है, तो वह सम्मान और सफलता प्राप्त कर सकता है।
12. चरित्र-निर्माण की प्रेरणा
यह कथा विद्यार्थियों को निरीक्षण, तर्क और विवेक का अभ्यास करने की प्रेरणा देती है।
13. तार्किक सोच का विकास
कहानी विश्लेषणात्मक सोच (Analytical Thinking) को बढ़ावा देती है। प्रत्येक निष्कर्ष कारण-परिणाम संबंध पर आधारित है।
14. नैतिक शिक्षा
ईमानदारी और आत्मविश्वास से सत्य की रक्षा की जा सकती है। भाइयों ने बिना भय के अपने तर्क प्रस्तुत किए।
15. शीर्षक की सार्थकता
‘तीन बुद्धिमान’ शीर्षक पूरी तरह सार्थक है, क्योंकि कहानी का केंद्रबिंदु तीनों भाइयों की बुद्धिमत्ता ही है।
#Hard Words
तीन बुद्धिमान
कठिन शब्दार्थ (संदर्भानुसार अर्थ सहित)
| क्रम | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | निर्धन | जिसके पास धन न हो |
| 2 | तेज बुद्धि | तीव्र सोचने की क्षमता |
| 3 | पैनी दृष्टि | सूक्ष्मता से देखने की क्षमता |
| 4 | गहराई | भीतर तक समझ |
| 5 | अभाव | कमी |
| 6 | वीरान | सूना, निर्जन |
| 7 | अनुमान | अंदाज़ा |
| 8 | विशाल | बहुत बड़ा |
| 9 | चिह्न | निशान |
| 10 | घुड़सवार | घोड़े पर बैठा व्यक्ति |
| 11 | संदेह | शक |
| 12 | आरोप | दोष लगाना |
| 13 | दरबार | राजा का न्यायालय |
| 14 | परीक्षा | परख |
| 15 | पेटी | डिब्बा |
| 16 | गोलाकार | गोल आकार वाला |
| 17 | वजन | भार |
| 18 | लुढ़कना | गोल वस्तु का घूमना |
| 19 | उद्यान | बगीचा |
| 20 | कच्चा | अधपका |
| 21 | चकित | आश्चर्यचकित |
| 22 | सूझबूझ | समझदारी |
| 23 | तर्क | युक्ति |
| 24 | विश्लेषण | गहराई से अध्ययन |
| 25 | प्रभावित | आकर्षित |
| 26 | खजाना | संपत्ति |
| 27 | संघर्ष | कठिनाई से जूझना |
| 28 | आत्मविश्वास | स्वयं पर विश्वास |
| 29 | धैर्य | सहनशीलता |
| 30 | निष्कर्ष | अंतिम निर्णय |
| 31 | प्रमाण | सबूत |
| 32 | संकेत | इशारा |
| 33 | पर्यवेक्षण | ध्यानपूर्वक देखना |
| 34 | विवेक | सही-गलत की समझ |
| 35 | स्थिति | अवस्था |
| 36 | उपस्थिति | मौजूद होना |
| 37 | प्रश्न | सवाल |
| 38 | उत्तर | जवाब |
| 39 | योग्यता | क्षमता |
| 40 | प्रतिभा | विशेष कौशल |
| 41 | सम्मान | आदर |
| 42 | स्वीकार | मान लेना |
| 43 | परिणाम | फल |
| 44 | विवेचना | विश्लेषणात्मक चर्चा |
| 45 | साहस | हिम्मत |
| 46 | यात्रा | सफर |
| 47 | कठिनाई | मुश्किल |
| 48 | मूल्य | महत्त्व |
| 49 | बौद्धिक | बुद्धि से संबंधित |
| 50 | सफलता | कामयाबी |
| 51 | परिस्थिति | हालात |
| 52 | सूक्ष्म | बहुत बारीक |
#Idioms
तीन बुद्धिमान
अध्यायानुसार मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग सहित)
| क्रम | मुहावरा | अर्थ | प्रयोग (वाक्य) |
|---|---|---|---|
| 1 | आँखें खोलना | सच्चाई को समझना | पिता ने अपने पुत्रों की आँखें खोल दीं कि असली धन बुद्धि है। |
| 2 | तेज दिमाग होना | बहुत बुद्धिमान होना | तीनों भाई तेज दिमाग के थे। |
| 3 | ध्यान से देखना | सूक्ष्म निरीक्षण करना | उन्होंने रास्ते को ध्यान से देखा और निष्कर्ष निकाला। |
| 4 | शक करना | संदेह करना | घुड़सवार ने भाइयों पर शक किया। |
| 5 | आरोप लगाना | दोष देना | उसने उन पर चोरी का आरोप लगाया। |
| 6 | परीक्षा लेना | योग्यता परखना | राजा ने उनकी बुद्धि की परीक्षा ली। |
| 7 | चकित रह जाना | बहुत आश्चर्य होना | राजा उनकी बुद्धिमानी देखकर चकित रह गया। |
| 8 | सूझबूझ दिखाना | समझदारी प्रदर्शित करना | तीनों भाइयों ने अद्भुत सूझबूझ दिखाई। |
| 9 | निष्कर्ष निकालना | परिणाम तय करना | घास देखकर मझले भाई ने निष्कर्ष निकाला। |
| 10 | सम्मान प्राप्त करना | आदर पाना | अंत में भाइयों ने राजा का सम्मान प्राप्त किया। |
| 11 | खजाना होना | बहुत मूल्यवान होना | बुद्धि वास्तव में एक खजाना है। |
| 12 | साहस दिखाना | हिम्मत करना | उन्होंने राजा के सामने साहस दिखाया। |
| 13 | माथा ठनकना | संदेह उत्पन्न होना | घुड़सवार का माथा ठनक गया। |
| 14 | बात की तह तक जाना | गहराई से समझना | तीनों भाई हर बात की तह तक जाते थे। |
| 15 | भाग्य बदल जाना | जीवन की स्थिति बदल जाना | दरबार में स्थान मिलने से उनका भाग्य बदल गया। |
#Textbook Q&A
तीन बुद्धिमान
अभ्यास प्रश्न (अध्यायानुसार) एवं विस्तृत उत्तर
क. समझ और विचार
ख. विचार-विस्तार
ग. भाषा-अभ्यास
घ. मूल्य आधारित प्रश्न
#Competency Based Q&A
तीन बुद्धिमान
Competency Based Questions (CBSE Pattern)
#SDG Goal
तीन बुद्धिमान
सतत विकास लक्ष्य (SDG) से संबंध
प्रमुख संबद्ध लक्ष्य: SDG 4 – Quality Education
यह कहानी प्रत्यक्ष रूप से SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) से संबंधित है। इसका केंद्रीय संदेश है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें अवलोकन, तर्क, विश्लेषण और विवेक का समावेश होना चाहिए।
1. आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking)
तीनों भाइयों ने सतही दृष्टि से नहीं, बल्कि गहराई से निरीक्षण कर निष्कर्ष निकाले। यह 21वीं सदी के कौशलों में से एक प्रमुख कौशल है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य भी यही है कि विद्यार्थी विश्लेषणात्मक सोच विकसित करें।
2. समस्या-समाधान कौशल (Problem Solving Skills)
घुड़सवार का आरोप और राजा की परीक्षा – दोनों परिस्थितियाँ समस्या थीं। भाइयों ने शांतिपूर्वक और तार्किक ढंग से उनका समाधान किया। यह जीवन-कौशल शिक्षा का उदाहरण है।
3. न्याय और निष्पक्षता (SDG 16 – Peace, Justice and Strong Institutions)
राजा ने बिना प्रमाण के निर्णय नहीं दिया। उसने परीक्षा लेकर सत्य की पुष्टि की। यह निष्पक्ष न्याय व्यवस्था का उदाहरण है, जो SDG 16 से संबंधित है।
4. आत्मनिर्भरता और बौद्धिक सशक्तिकरण
कहानी सिखाती है कि यदि व्यक्ति के पास बुद्धि है, तो वह परिस्थितियों से ऊपर उठ सकता है। यह आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करती है।
SDG Mapping Table
| पाठ का तत्व | संबंधित SDG | व्याख्या |
|---|---|---|
| पिता की शिक्षा | SDG 4 | मूल्य-आधारित एवं कौशल-आधारित शिक्षा |
| तार्किक निष्कर्ष | SDG 4 | आलोचनात्मक चिंतन का विकास |
| राजा की निष्पक्ष परीक्षा | SDG 16 | न्यायपूर्ण एवं सशक्त संस्थाओं का उदाहरण |
| निर्धनता के बावजूद सम्मान | SDG 8 | योग्यता आधारित अवसर |
#Worksheet
तीन बुद्धिमान
सम्पूर्ण कार्यपत्रक (50 प्रश्नों सहित उत्तर)
Section A – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1×20=20 अंक)
Section B – लघु उत्तरीय प्रश्न (2×10=20 अंक)
Section C – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4×5=20 अंक)
Section D – मूल्य आधारित / विश्लेषणात्मक प्रश्न (15)
#NEP BASED Q&A
पाठ ‘तीन
बुद्धिमान’ पर आधारित
👉 Bloom’s Taxonomy + NCF 2023 Competency-Based प्रश्नावली
(बौद्धिक स्तर पर मूल्यांकन
हेतु) — उत्तर सहित 👇
✍️ भाग 1:
35–40 शब्दों वाले प्रश्न
(उत्तर सहित)
प्रश्न 1 (Understanding + Analysis)
तीनों भाइयों ने बिना
ऊँट को देखे उसके बारे में सही जानकारी कैसे प्राप्त की? अपने शब्दों में स्पष्ट
कीजिए।
उत्तर:
तीनों भाइयों ने रास्ते में
मिले संकेतों जैसे पैरों के निशान, घास की स्थिति और पैरों के चिह्नों का
ध्यानपूर्वक अवलोकन किया। अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और तर्क शक्ति के आधार पर उन्होंने
ऊँट के बारे में सही निष्कर्ष निकाला।
प्रश्न 2 (Application + Reasoning)
यदि आप उन भाइयों की
जगह होते, तो आप ऊँट के बारे में जानकारी प्राप्त करने के
लिए कौन-कौन से संकेतों पर ध्यान देते?
उत्तर: मैं
रास्ते में पैरों के निशान, आसपास की वस्तुओं में परिवर्तन, घास या मिट्टी की
स्थिति, तथा अन्य संकेतों को ध्यान से देखता। इन संकेतों के आधार पर
तर्क लगाकर सही निष्कर्ष निकालने का प्रयास करता।
प्रश्न 3 (Value-based + Evaluation)
इस कहानी के आधार पर बताइए कि केवल पुस्तक ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण क्या
है और क्यों?
उत्तर: इस
कहानी से स्पष्ट होता है कि केवल पुस्तक ज्ञान नहीं,
बल्कि अवलोकन क्षमता और
व्यावहारिक बुद्धि अधिक महत्वपूर्ण है। यही गुण हमें वास्तविक जीवन में समस्याओं
को समझने और उनका समाधान करने में सहायता करते हैं।
प्रश्न 1 (Analysis + Evaluation)
राजा ने तीनों भाइयों
की बुद्धिमानी की परीक्षा लेने के लिए पेटी का प्रयोग किया। विस्तार से स्पष्ट
कीजिए कि इस परीक्षा से भाइयों की कौन-कौन सी विशेषताएँ सामने आईं और यह घटना उनके
व्यक्तित्व के बारे में क्या दर्शाती है?
उत्तर: राजा
ने पेटी के माध्यम से भाइयों की वास्तविक बुद्धिमत्ता को परखना चाहा। भाइयों ने
बिना देखे केवल संकेतों और ध्वनि के आधार पर सही उत्तर दिया। इससे उनकी तीक्ष्ण
बुद्धि, गहन अवलोकन शक्ति और तर्क क्षमता का परिचय मिलता है। यह घटना
दर्शाती है कि वे अत्यंत समझदार और विवेकशील थे।
प्रश्न 2 (Critical Thinking + Reasoning)
तीनों भाइयों की सफलता
में उनके पिता द्वारा दी गई शिक्षा की क्या भूमिका रही? विस्तार
से बताइए कि उनके जीवन में इस शिक्षा का क्या प्रभाव पड़ा और यह उनके निर्णयों में
कैसे दिखाई देता है?
उत्तर: पिता
ने उन्हें सिखाया था कि हर वस्तु को ध्यानपूर्वक देखो और समझो। यही शिक्षा उनके
जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई। उन्होंने हर परिस्थिति में सूक्ष्म निरीक्षण
किया और तर्क के आधार पर निष्कर्ष निकाले। उनके सभी निर्णयों में यह स्पष्ट दिखाई
देता है कि वे केवल देखने नहीं, बल्कि समझने की क्षमता रखते थे।
प्रश्न 3 (Application + Value-based)
यह कहानी वर्तमान समय
के विद्यार्थियों के लिए किस प्रकार प्रेरणादायक है? विस्तार
से स्पष्ट कीजिए कि विद्यार्थी इससे कौन-कौन से गुण सीख सकते हैं और उन्हें अपने
जीवन में कैसे अपनाना चाहिए?
उत्तर: यह
कहानी विद्यार्थियों को सिखाती है कि सफलता केवल रटने से नहीं, बल्कि समझने और सोचने
से मिलती है। वे अवलोकन शक्ति, तर्क क्षमता और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित कर
सकते हैं। यदि विद्यार्थी इन गुणों को अपनाएँ, तो वे जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना आसानी
से कर सकते हैं और सफल बन सकते हैं।
भाग 3:
Logical बहुविकल्पी प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1. भाइयों
ने ऊँट के एक आँख से अंधा होने का अनुमान कैसे लगाया?
(क) ऊँट की चाल देखकर
(ख) एक ओर की घास खाई हुई थी
(ग) लोगों से पूछकर
(घ) ऊँट को देखकर
उत्तर: (ख)
प्रश्न 2. पेटी
में अनार होने का अनुमान किस आधार पर लगाया गया?
(क) पेटी का रंग देखकर
(ख) पेटी की आवाज़ और स्थान
देखकर
(ग) राजा के कहने पर
(घ) अनुमान से
उत्तर: (ख)
प्रश्न 3. यह
कहानी मुख्य रूप से किस कौशल पर बल देती है?
(क) रटने की क्षमता
(ख) खेल कौशल
(ग) अवलोकन और तर्क शक्ति
(घ) धन संग्रह
उत्तर: (ग)
प्रश्न 4 (Higher Order Thinking)
यदि भाइयों में अवलोकन
क्षमता न होती, तो क्या होता?
(क) वे सफल होते
(ख) वे चोर सिद्ध हो जाते
(ग) राजा उनकी प्रशंसा करता
(घ) कोई अंतर नहीं पड़ता
उत्तर: (ख)
प्रश्न 5 (Assertion-Reason Type)
कथन (A): भाइयों ने ऊँट को देखा नहीं था।
कारण (R): वे केवल अनुमान लगा रहे थे।
(क) A और R दोनों सही हैं
(ख) A सही, R गलत
(ग) A गलत, R सही
(घ) दोनों गलत
उत्तर: (ख)