#Detailed Summary
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 1 – विस्तृत सारांश (Detailed Summary)
‘दो गौरैया’ एक अत्यंत संवेदनशील और हृदयस्पर्शी पाठ है जिसमें लेखक अपने घर में रहने वाली दो गौरैयों की घटना के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, करुणा और सह-अस्तित्व का सुंदर चित्र प्रस्तुत करते हैं। यह पाठ हमें सिखाता है कि मनुष्य को प्रकृति और जीव-जंतुओं के साथ सहानुभूति और प्रेमपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।
घर का वातावरण
लेखक अपने घर का वर्णन करते हुए बताते हैं कि उनके घर में वे स्वयं, उनकी माता और उनके पिताजी रहते थे। किंतु घर केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं था। घर के आँगन में एक आम का पेड़ था, जिस पर तरह-तरह के पक्षी अपना बसेरा बनाते थे। ऐसा प्रतीत होता था मानो वह घर यात्रियों के लिए विश्राम स्थल हो। कभी तोते, कभी कौवे, कभी गौरैयाँ वहाँ निवास कर लेते थे।
घर के भीतर भी पशु-पक्षियों का संसार था। चूहे, छिपकलियाँ, ततैया और चींटियों की फौज वहाँ डेरा डाले रहती थी। चमगादड़ शाम को कमरे में उड़ते दिखाई देते थे। कबूतर दिनभर ‘गुटर-गूं’ का संगीत सुनाते रहते थे।
दो गौरैयों का आगमन
एक दिन अचानक दो गौरैयाँ घर के भीतर आ गईं। वे बिना पूछे इधर-उधर उड़ती हुई मकान का निरीक्षण करती प्रतीत हुईं। लेखक के पिता ने मजाक में कहा कि वे देख रही हैं कि घर उनके रहने योग्य है या नहीं।
कुछ ही दिनों बाद परिवार ने देखा कि बैठक के पंखे के ऊपर लगे गोले में गौरैयों ने घोंसला बना लिया है। यह देखकर माँ को प्रसन्नता हुई, परंतु पिता जी को क्रोध आ गया। उन्हें घर की सफाई और व्यवस्था की चिंता सताने लगी।
गौरैयों को भगाने का प्रयास
पिता जी ने गौरैयों को भगाने के लिए तरह-तरह के उपाय किए। वे ताली बजाते, ‘श… शू’ की आवाज निकालते, हाथ-पैर हिलाते और कूदते। माँ इस दृश्य को देखकर हँस पड़तीं और कहतीं कि चिड़ियाँ आपस में पूछ रही होंगी कि यह आदमी नाच क्यों रहा है।
जब इससे भी गौरैयाँ नहीं भागीं तो पिता जी डंडा ले आए। दरवाजे बंद किए गए, केवल एक दरवाजा खुला छोड़ा गया ताकि वे बाहर निकल सकें। अंततः वे बाहर निकल गईं, परंतु थोड़ी देर बाद फिर लौट आईं।
दरवाजों के नीचे कपड़े ठूँस दिए गए, रोशनदान का टूटा शीशा भी बंद कर दिया गया, पर गौरैयाँ बार-बार किसी न किसी रास्ते से लौट आती थीं।
घोंसला तोड़ने का प्रयास
जब पिता जी का धैर्य समाप्त हो गया तो उन्होंने घोंसला तोड़ने का निश्चय किया। स्टूल रखकर वे पंखे तक पहुँचे और डंडे से तिनकों को खींचना शुरू किया। कुछ तिनके नीचे गिर पड़े।
उसी समय ‘चीं-चीं’ की आवाज सुनाई दी। लेखक ने देखा कि बाहर दीवार पर दोनों गौरैयाँ चुपचाप बैठी थीं। पंखे के ऊपर से नन्हीं-नन्हीं चिड़ियों के सिर दिखाई दे रहे थे। वे भयभीत होकर चीं-चीं कर रही थीं।
हृदय परिवर्तन
पिता जी का हाथ रुक गया। उन्होंने लाठी नीचे रख दी और स्टूल से उतर आए। वे चुपचाप कुर्सी पर बैठ गए। माँ ने सभी दरवाजे खोल दिए। गौरैयों के माता-पिता तुरंत अंदर आए और अपने बच्चों को दाना खिलाने लगे।
अब कमरे में पहले की तरह चहल-पहल थी, पर इस बार पिता जी के चेहरे पर क्रोध नहीं, बल्कि संतोष और मुस्कान थी। उन्हें यह खुशी थी कि समय रहते उन्होंने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
संदेश
यह पाठ हमें करुणा, सह-अस्तित्व और संवेदनशीलता का संदेश देता है। मनुष्य को यह समझना चाहिए कि पृथ्वी केवल मनुष्यों की नहीं, बल्कि सभी जीवों की है। हमें दूसरों के घर और जीवन का सम्मान करना चाहिए।
‘दो गौरैया’ एक सरल कहानी होते हुए भी गहरे मानवीय मूल्यों को स्थापित करती है। यह हमें सिखाती है कि हृदय की कोमलता ही सच्ची मानवता है।
#Key Highlights
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 2 – मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- लेखक के घर का वातावरण मनुष्यों और पशु-पक्षियों का साझा संसार था।
- आँगन के आम के पेड़ पर विभिन्न पक्षी अपना बसेरा बनाते थे।
- घर के भीतर भी चूहे, छिपकलियाँ, चमगादड़, कबूतर आदि रहते थे।
- एक दिन दो गौरैयाँ घर के अंदर आईं और पंखे के ऊपर घोंसला बना लिया।
- लेखक की माँ को यह अच्छा लगा, पर पिता जी को घर की सफाई की चिंता हुई।
- पिता जी ने गौरैयों को भगाने के लिए ताली बजाई, आवाजें निकालीं और डंडा भी उठाया।
- गौरैयाँ बार-बार घर में लौट आती थीं।
- दरवाजे और रोशनदान बंद किए गए, फिर भी वे अंदर आ जाती थीं।
- पिता जी ने अंततः घोंसला तोड़ने का प्रयास किया।
- घोंसले में नन्हीं चिड़ियों को देखकर उनका हृदय बदल गया।
- उन्होंने घोंसला नहीं तोड़ा और गौरैयों को रहने दिया।
- अंत में पिता जी के चेहरे पर संतोष और मुस्कान थी।
#Hard Words
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 3 – महत्वपूर्ण कठिन शब्द (Hard Important Words)
| क्रम | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | बसेरा | रहने का स्थान |
| 2 | आँगन | घर का खुला भाग |
| 3 | अंदाजा | अनुमान |
| 4 | अँगीठी | कोयले या लकड़ी जलाने का स्थान |
| 5 | ततैया | एक डंक मारने वाला कीट |
| 6 | डेरा | अस्थायी निवास |
| 7 | निरीक्षण | जाँच करना |
| 8 | योग्य | उपयुक्त |
| 9 | घोंसला | पक्षियों का घर |
| 10 | क्रोध | गुस्सा |
| 11 | प्रयास | कोशिश |
| 12 | रोशनदान | हवा और रोशनी के लिए ऊँची खिड़की |
| 13 | तिनका | सूखी घास का छोटा टुकड़ा |
| 14 | लाठी | डंडा |
| 15 | सब्र | धैर्य |
| 16 | तबाह | नष्ट |
| 17 | चहल-पहल | हलचल |
| 18 | दीवार | भित्ति |
| 19 | संतोष | खुशी, तृप्ति |
| 20 | उजड़ना | घर से वंचित होना |
| 21 | झाँकना | अंदर देखना |
| 22 | फौज | सेना या समूह |
| 23 | व्यायाम | कसरत |
| 24 | गंभीरता | गंभीर भाव |
| 25 | हृदय परिवर्तन | मन बदल जाना |
#Idioms
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 4 – मुहावरे (Idioms)
| क्रम | मुहावरा | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | डेरा डालना | किसी स्थान पर ठहर जाना | गौरैयों ने पंखे के ऊपर डेरा डाल लिया। |
| 2 | गौर से देखना | ध्यानपूर्वक देखना | चिड़ियाँ घर को गौर से देख रही थीं। |
| 3 | ताली बजाना | हाथों से आवाज करना | पिता जी ने चिड़ियों को भगाने के लिए ताली बजाई। |
| 4 | सब्र टूटना | धैर्य समाप्त होना | बार-बार लौटने पर पिता जी का सब्र टूट गया। |
| 5 | हाथ रोक लेना | कार्य बंद कर देना | बच्चों को देखकर पिता जी ने हाथ रोक लिया। |
| 6 | हृदय पिघलना | करुणा उत्पन्न होना | नन्हीं चिड़ियों को देखकर उनका हृदय पिघल गया। |
| 7 | मुस्कराते रहना | खुशी प्रकट करना | अंत में पिता जी मुस्कराते रह गए। |
| 8 | उजाड़ देना | घर नष्ट कर देना | वे एक परिवार को उजाड़ देना नहीं चाहते थे। |
| 9 | मन बदल जाना | विचार बदलना | नन्हीं चिड़ियों को देखकर उनका मन बदल गया। |
| 10 | हार मान लेना | प्रयास छोड़ देना | लेखक को लगा कि चिड़ियों ने हार मान ली होगी। |
#Textbook Q&A
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 5 – पाठ्यपुस्तक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1: लेखक के घर का वातावरण कैसा था?
उत्तर: लेखक का घर केवल मनुष्यों का निवास स्थान नहीं था, बल्कि पशु-पक्षियों का भी संसार था। आँगन के आम के पेड़ पर अनेक पक्षी रहते थे और घर के भीतर भी चूहे, कबूतर, चमगादड़, छिपकलियाँ आदि निवास करते थे।
प्रश्न 2: दो गौरैयों ने घर में क्या किया?
उत्तर: दो गौरैयों ने बैठक के पंखे के ऊपर घोंसला बना लिया और वहीं अपना घर बसा लिया।
प्रश्न 3: लेखक के पिता जी को गौरैयों से क्यों परेशानी हुई?
उत्तर: पिता जी को घर की सफाई और व्यवस्था की चिंता थी। उन्हें डर था कि घोंसले से गलीचा खराब होगा और घर गंदा हो जाएगा।
प्रश्न 4: गौरैयों को भगाने के लिए पिता जी ने क्या-क्या प्रयास किए?
उत्तर: उन्होंने ताली बजाई, ‘श… शू’ की आवाज निकाली, हाथ-पैर हिलाए, डंडा उठाया, दरवाजे बंद किए और रोशनदान को भी बंद कर दिया।
प्रश्न 5: गौरैयाँ बार-बार घर में क्यों लौट आती थीं?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने वहाँ अपना घोंसला बना लिया था और वे अपने अंडों तथा बच्चों की रक्षा करना चाहती थीं।
प्रश्न 6: पिता जी का हृदय परिवर्तन कैसे हुआ?
उत्तर: जब उन्होंने घोंसले में नन्हीं चिड़ियों को देखा और उनकी चीं-चीं सुनी, तो उनका मन द्रवित हो गया और उन्होंने घोंसला तोड़ने का विचार छोड़ दिया।
प्रश्न 7: अंत में पिता जी का व्यवहार कैसा था?
उत्तर: अंत में वे मुस्करा रहे थे और संतोष अनुभव कर रहे थे कि उन्होंने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
प्रश्न 8: इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस पाठ से हमें करुणा, सहानुभूति और सह-अस्तित्व की शिक्षा मिलती है। हमें सभी जीवों के प्रति दया और संवेदनशीलता रखनी चाहिए।
प्रश्न 9: लेखक की माँ का दृष्टिकोण पिता जी से कैसे भिन्न था?
उत्तर: माँ का दृष्टिकोण सहानुभूतिपूर्ण था। वे चिड़ियों को भगाने के विरुद्ध थीं और उनका हृदय कोमल था, जबकि पिता जी प्रारंभ में कठोर थे।
प्रश्न 10: ‘दो गौरैया’ पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: पृथ्वी पर सभी जीवों का समान अधिकार है। मनुष्य को करुणा और सह-अस्तित्व की भावना से व्यवहार करना चाहिए।
#Competency Based Q&A
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 6 – Competency Based Questions & Answers
प्रश्न 1: यदि आप लेखक के पिता की जगह होते, तो क्या आप घोंसला तोड़ते? कारण सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर: नहीं, मैं घोंसला नहीं तोड़ता। क्योंकि पक्षियों का भी जीने और अपने बच्चों को सुरक्षित रखने का अधिकार है। सह-अस्तित्व और करुणा मानवता का मूल गुण है।
प्रश्न 2: पिता जी का प्रारंभिक व्यवहार और अंतिम व्यवहार में क्या अंतर था?
उत्तर: प्रारंभ में वे कठोर और क्रोधित थे, परंतु नन्हीं चिड़ियों को देखकर उनका हृदय परिवर्तन हो गया और वे संवेदनशील एवं करुणामय हो गए।
प्रश्न 3: इस पाठ में सह-अस्तित्व की भावना कैसे प्रकट होती है?
उत्तर: पाठ में मनुष्य और पक्षियों का एक ही घर में रहना तथा अंततः पिता जी द्वारा घोंसला न तोड़ना सह-अस्तित्व की भावना को दर्शाता है।
प्रश्न 4: लेखक की माँ की भूमिका को आप कैसे मूल्यांकित करेंगे?
उत्तर: माँ सहानुभूति और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं। वे चिड़ियों को भगाने के विरुद्ध थीं और पिता जी को समझाने का प्रयास करती रहीं।
प्रश्न 5: क्या आपको लगता है कि प्रकृति के साथ कठोर व्यवहार का परिणाम सकारात्मक होता है? उदाहरण सहित उत्तर दें।
उत्तर: नहीं, प्रकृति के साथ कठोर व्यवहार से पर्यावरण और जीव-जंतुओं को हानि पहुँचती है। सह-अस्तित्व और संरक्षण ही सकारात्मक परिणाम देते हैं।
प्रश्न 6: इस पाठ के आधार पर ‘मानवता’ की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: मानवता का अर्थ है दूसरों के दुख को समझना, करुणा रखना और किसी को कष्ट न पहुँचाना।
प्रश्न 7: गौरैयों की दृढ़ता से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: हमें अपने परिवार और अधिकारों की रक्षा के लिए धैर्य और साहस से प्रयास करना चाहिए।
प्रश्न 8: यदि घर में पशु-पक्षी रहते हैं, तो मनुष्य को कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर: मनुष्य को दयालु और सहनशील होना चाहिए तथा उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
प्रश्न 9: पिता जी का हृदय परिवर्तन किस मूल्य को स्थापित करता है?
उत्तर: यह करुणा, सहानुभूति और नैतिक जागरूकता का मूल्य स्थापित करता है।
प्रश्न 10: इस कहानी को वर्तमान समय से कैसे जोड़ सकते हैं?
उत्तर: आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा आवश्यक है। यह कहानी हमें जीव-जंतुओं के अधिकारों का सम्मान करने की प्रेरणा देती है।
#SDG Goal
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Part 7 – SDG Goals से संबंध
‘दो गौरैया’ पाठ केवल एक संवेदनशील कहानी नहीं है, बल्कि यह सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा से भी जुड़ा हुआ है। यह पाठ मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन तथा सह-अस्तित्व की आवश्यकता को स्पष्ट करता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 Sustainable Development Goals (SDGs) में से कई लक्ष्यों से यह पाठ प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है।
1. SDG 15 – Life on Land (स्थलीय जीवन की रक्षा)
यह पाठ मुख्य रूप से SDG 15 से संबंधित है। इसमें पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश दिया गया है। गौरैयों का घोंसला तोड़ना उनके जीवन और अस्तित्व के लिए खतरा था। पिता जी का हृदय परिवर्तन इस लक्ष्य के महत्व को दर्शाता है कि हमें स्थलीय जीवों के जीवन का सम्मान करना चाहिए।
2. SDG 13 – Climate Action (जलवायु कार्रवाई)
हालाँकि पाठ सीधे जलवायु परिवर्तन की चर्चा नहीं करता, परंतु यह पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण की ओर संकेत करता है। जब हम पक्षियों और प्रकृति का सम्मान करते हैं, तो हम पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं।
3. SDG 11 – Sustainable Cities and Communities (सतत नगर और समुदाय)
सह-अस्तित्व और सामंजस्यपूर्ण जीवन इस पाठ का प्रमुख संदेश है। मनुष्य और जीव-जंतु एक ही वातावरण में शांतिपूर्वक रह सकते हैं। यह सतत और संतुलित समुदाय निर्माण का आधार है।
4. SDG 4 – Quality Education (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)
यह पाठ विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा देता है। करुणा, सहानुभूति और पर्यावरणीय जागरूकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
निष्कर्ष
‘दो गौरैया’ कहानी विद्यार्थियों में करुणा, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है। यह पाठ हमें सिखाता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति और अन्य जीवों के अधिकारों का सम्मान करते हुए हो।
#Worksheet
दो गौरैया (कक्षा 7 – मल्हार)
Class 8 Hindi – Advanced Competency-Based Worksheet
पाठ: (गौरैया प्रसंग)
समय: 45 मिनट पूर्णांक: 30
खंड A – Case-Based (Analysis + Evaluation) (6 अंक)
स्थिति (Case):
घर में गौरैयों ने घोंसला बना लिया है। पिताजी उन्हें हटाने के लिए बार-बार प्रयास करते हैं, जबकि माँ सह-अस्तित्व का समर्थन करती हैं। अंत में नन्हीं चिड़ियों को देखकर पिताजी का दृष्टिकोण बदल जाता है।
प्रश्न:
- पिताजी और माँ के दृष्टिकोण में मूलभूत अंतर क्या है? यह अंतर उनके व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को कैसे दर्शाता है? (Analysis) (2)
- क्या पिताजी का प्रारंभिक व्यवहार पूरी तरह गलत था, या उसमें कोई तर्क भी निहित था? अपने विचार संतुलित दृष्टिकोण से प्रस्तुत कीजिए। (Evaluation) (2)
- इस प्रसंग के आधार पर “संवेदनशीलता बनाम स्वामित्व भावना” पर अपने विचार व्यक्त कीजिए। (Critical Thinking) (2)
खंड B – Logical MCQs (HOTS) (6 अंक)
-
पिताजी का व्यवहार किस मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति को दर्शाता है?
(क) सहानुभूति
(ख) नियंत्रण और स्वामित्व की भावना
(ग) सहयोग
(घ) उदारता
उत्तर: (ख)
-
गौरैयों का बार-बार लौटना किस सिद्धांत को मजबूत करता है?
(क) आदत
(ख) अस्तित्व की प्रवृत्ति (Survival instinct)
(ग) संयोग
(घ) निर्भरता
उत्तर: (ख)
-
माँ का व्यवहार किस प्रकार की बुद्धिमत्ता को दर्शाता है?
(क) तार्किक बुद्धि
(ख) भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence)
(ग) गणितीय बुद्धि
(घ) भाषायी बुद्धि
उत्तर: (ख)
-
कहानी का Turning Point क्या है?
(क) चिड़ियों का घोंसला बनाना
(ख) पिताजी का गुस्सा
(ग) नन्हीं चिड़ियों का प्रकट होना
(घ) दरवाजे बंद करना
उत्तर: (ग)
-
पिताजी का परिवर्तन किस प्रकार का उदाहरण है?
(क) बाहरी दबाव
(ख) भावनात्मक परिवर्तन
(ग) हार स्वीकारना
(घ) निर्णयहीनता
उत्तर: (ख)
-
इस कहानी का केंद्रीय विचार किससे संबंधित है?
(क) अनुशासन
(ख) सह-अस्तित्व और करुणा
(ग) संघर्ष
(घ) प्रतिस्पर्धा
उत्तर: (ख)
खंड C – Assertion–Reason (Higher Order)(6 अंक)
कथन (A): पिताजी का व्यवहार प्रारंभ में कठोर प्रतीत होता है।
कारण (R): वे घर को केवल मनुष्यों के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं।
उत्तर: (क) दोनों सही, R सही कारण
कथन (A): माँ का दृष्टिकोण अधिक संतुलित और मानवीय है।
कारण (R): वे सभी जीवों के साथ सह-अस्तित्व में विश्वास रखती हैं।
उत्तर: (क)
कथन (A): पिताजी का अंतिम परिवर्तन केवल थकान का परिणाम है।
कारण (R): वे गौरैयों को बार-बार नहीं निकाल पा रहे थे।
उत्तर: (ख) A गलत, R आंशिक
खंड D – लघु उत्तरीय (40 शब्द) (6 अंक)
- “नियंत्रण की भावना” किस प्रकार पिताजी के व्यवहार में दिखाई देती है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (2)
- माँ का हास्य और व्यंग्य किस प्रकार एक सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है? (2)
- इस कहानी के माध्यम से “मानव और प्रकृति के संबंध” को कैसे समझा जा सकता है? (2)
खंड E – दीर्घ उत्तरीय (60–70 शब्द) (6 अंक)
- पिताजी के चरित्र में आए परिवर्तन का विश्लेषण करते हुए बताइए कि यह परिवर्तन किन आंतरिक मूल्यों को उजागर करता है। (3)
- यह कहानी आधुनिक समाज के लिए किस प्रकार प्रासंगिक है, विशेषकर पर्यावरण और सह-अस्तित्व के संदर्भ में? अपने विचार स्पष्ट कीजिए। (3)
Advanced Rubric (NCF 2023 आधारित)
| मापदंड | 3 अंक (उत्कृष्ट) | 2 अंक (अच्छा) | 1 अंक (सामान्य) |
|---|---|---|---|
| विश्लेषण (Analysis) | गहन और सटीक | आंशिक | सतही |
| तर्क (Reasoning) | स्पष्ट और प्रभावी | सामान्य | कमजोर |
| मूल्य दृष्टि | स्पष्ट और परिपक्व | आंशिक | अनुपस्थित |
| अभिव्यक्ति | सुव्यवस्थित | सामान्य | अस्पष्ट |
द्यांश – 1 (लगभग 150 शब्द)
घर में अनेक प्रकार के जीव-जंतु रहते थे, जिससे पिताजी परेशान रहते थे। जब दो गौरैयों ने घर में घोंसला बना लिया, तो पिताजी उन्हें निकालने के लिए तरह-तरह के उपाय करने लगे। वे कभी ताली बजाते, कभी लाठी से डराते, तो कभी दरवाजे बंद कर देते। लेकिन गौरैयाँ बार-बार किसी न किसी रास्ते से घर में वापस आ जातीं। माँ इस पूरे दृश्य को हँसी-मजाक के रूप में लेती थीं और पिताजी के व्यवहार पर व्यंग्य करती थीं। उनका मानना था कि अब गौरैयाँ घोंसला बना चुकी हैं, इसलिए उन्हें निकालना उचित नहीं है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मनुष्य और प्रकृति के बीच संघर्ष के बजाय सह-अस्तित्व अधिक महत्वपूर्ण है।
🧠 MCQs (HOTS – गद्यांश 1)
-
पिताजी के बार-बार प्रयास किस मानसिकता को दर्शाते हैं?
(क) सहानुभूति
(ख) नियंत्रण और स्वामित्व
(ग) सहयोग
(घ) उदारता
👉 उत्तर: (ख)
-
गौरैयों का बार-बार लौटना किस सिद्धांत को दर्शाता है?
(क) संयोग
(ख) अस्तित्व की प्रवृत्ति
(ग) आलस्य
(घ) डर
👉 उत्तर: (ख)
-
माँ का व्यवहार किस प्रकार की सोच को दर्शाता है?
(क) नकारात्मक
(ख) व्यावहारिक और सहनशील
(ग) आक्रामक
(घ) उदासीन
👉 उत्तर: (ख)
-
इस प्रसंग का मुख्य संदेश क्या है?
(क) कठोरता अपनाना
(ख) सह-अस्तित्व का महत्व
(ग) संघर्ष करना
(घ) जीतना
👉 उत्तर: (ख)
✍️ Short Answer (HOTS)
- पिताजी और माँ के दृष्टिकोण में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- इस घटना से “प्रकृति के साथ संतुलन” का क्या संदेश मिलता है?
गद्यांश – 2 (लगभग 150 शब्द)
जब पिताजी ने गौरैयों का घोंसला तोड़ने का प्रयास किया, तब अचानक नन्हीं चिड़ियों की आवाज सुनाई दी। वे अपने माता-पिता को पुकार रही थीं। यह दृश्य देखकर पिताजी ठिठक गए और उनका व्यवहार बदल गया। उन्होंने लाठी एक ओर रख दी और चुपचाप बैठ गए। माँ ने सभी दरवाजे खोल दिए, जिससे गौरैयों के माता-पिता अंदर आ सके। वे अपने बच्चों को चुग्गा खिलाने लगे। इस दृश्य ने पिताजी के मन में करुणा और संवेदनशीलता जगा दी। अब वे उन चिड़ियों को देखकर मुस्कुराने लगे। यह घटना दर्शाती है कि मनुष्य का हृदय स्वाभाविक रूप से संवेदनशील होता है, जिसे सही परिस्थिति में जागृत किया जा सकता है।
MCQs (HOTS – गद्यांश 2)
-
कहानी का Turning Point क्या है?
(क) घोंसला बनना
(ख) नन्हीं चिड़ियों की आवाज
(ग) दरवाजे बंद करना
(घ) माँ का हँसना
उत्तर: (ख)
-
पिताजी का परिवर्तन किस कारण हुआ?
(क) थकान
(ख) डर
(ग) भावनात्मक जागरण
(घ) मजबूरी
उत्तर: (ग)
-
माँ द्वारा दरवाजे खोलना क्या दर्शाता है?
(क) लापरवाही
(ख) सहयोग और संवेदनशीलता
(ग) डर
(घ) गुस्सा
उत्तर: (ख)
-
इस प्रसंग से कौन-सा मूल्य प्रमुख रूप से उभरता है?
(क) प्रतिस्पर्धा
(ख) करुणा और सह-अस्तित्व
(ग) नियंत्रण
(घ) संघर्ष
उत्तर: (ख)
Short Answer (HOTS)
- पिताजी के व्यवहार में आए परिवर्तन का कारण स्पष्ट कीजिए।
- इस घटना से “करुणा” के महत्व को कैसे समझा जा सकता है?
Part 8 – Comprehensive Worksheet (50 Questions)
1. दो गौरैयाँ कहाँ घोंसला बनाती हैं?
उत्तर: पंखे के ऊपर।
2. लेखक के घर के आँगन में कौन सा पेड़ था?
उत्तर: आम का पेड़।
3. पिता जी को किस बात की चिंता थी?
उत्तर: घर की सफाई और गलीचे के खराब होने की।
4. चिड़ियाँ बार-बार क्यों लौटती थीं?
उत्तर: क्योंकि उनका घोंसला और बच्चे अंदर थे।
5. रोशनदान में क्या था?
उत्तर: टूटा हुआ शीशा।
16. घर में और कौन-कौन से जीव रहते थे?
उत्तर: चूहे, कबूतर, चमगादड़, छिपकलियाँ आदि।
17. पिता जी ने दरवाजों के नीचे क्या किया?
उत्तर: कपड़े ठूँस दिए।
18. पिता जी का हृदय कब बदला?
उत्तर: जब उन्होंने नन्हीं चिड़ियों को देखा।
26. पिता जी का व्यवहार प्रारंभ में कैसा था?
उत्तर: वे क्रोधित और कठोर थे तथा घोंसला हटाना चाहते थे।
27. माँ का दृष्टिकोण क्या था?
उत्तर: वे संवेदनशील थीं और चिड़ियों को भगाने के विरुद्ध थीं।
36. ‘दो गौरैया’ पाठ का मुख्य संदेश स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह पाठ करुणा, सह-अस्तित्व और मानवता का संदेश देता है। हमें सभी जीवों के साथ दयालु व्यवहार करना चाहिए।
46. यदि आपके घर में किसी पक्षी ने घोंसला बना लिया हो, तो आप क्या करेंगे?
उत्तर: मैं उसे सुरक्षित रहने दूँगा और उसके लिए दाना-पानी रखूँगा।
47–50. (मूल्य आधारित प्रश्न)
उत्तर: छात्र 6–8 पंक्तियों में विश्लेषणात्मक उत्तर लिखें।
पाठ: ‘दो गौरैया’
समय: 20 मिनट पूर्णांक: 10
खंड A – Case-Based MCQ (3 अंक)
गद्यांश:
पिताजी गौरैयों को घर से निकालने के लिए बार-बार प्रयास करते हैं, लेकिन गौरैयाँ अपने घोंसले और बच्चों के कारण वापस आ जाती हैं। अंत में नन्हीं चिड़ियों को देखकर पिताजी का व्यवहार बदल जाता है।
प्रश्न:
-
पिताजी के बार-बार प्रयास किस मानसिकता को दर्शाते हैं? (1)
(क) सहानुभूति
(ख) नियंत्रण और स्वामित्व
(ग) सहयोग
(घ) उदारता
उत्तर: (ख)
-
गौरैयों का बार-बार लौटना किस सिद्धांत को दर्शाता है? (1)
(क) संयोग
(ख) अस्तित्व की प्रवृत्ति
(ग) डर
(घ) आलस्य
उत्तर: (ख)
-
पिताजी के व्यवहार में परिवर्तन का मुख्य कारण क्या था? (1)
(क) थकान
(ख) माँ की बात
(ग) नन्हीं चिड़ियों को देखकर भावनात्मक परिवर्तन
(घ) हार मानना
उत्तर: (ग)
खंड B – Assertion–Reason (2 अंक)
कथन (A): माँ का दृष्टिकोण अधिक संतुलित है।
कारण (R): वे जीव-जंतुओं के प्रति सहानुभूति रखती हैं।
(क) दोनों सही, R सही कारण
(ख) दोनों सही, R कारण नहीं
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सही
उत्तर: (क)
कथन (A): पिताजी का प्रारंभिक व्यवहार उचित था।
कारण (R): वे घर को व्यवस्थित रखना चाहते थे।
उत्तर: (ख) (दोनों सही, पर पूर्ण कारण नहीं)
खंड C – लघु उत्तरीय (3 अंक)
- “प्रकृति के साथ संघर्ष के बजाय सह-अस्तित्व आवश्यक है”— इस कथन को कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (3)
खंड D – दीर्घ उत्तरीय (2 अंक)
- पिताजी के चरित्र में आए परिवर्तन का विश्लेषण कीजिए और बताइए कि यह परिवर्तन हमें क्या सीख देता है। (2)
Marking Scheme (Rubric)
| मापदंड | अंक |
|---|---|
| समझ (Understanding) | 2 |
| तर्क (Reasoning) | 2 |
| मूल्य दृष्टि | 1 |
#NEP BASED Q-A
Do Gauraiya (दो गौरैया)
भीष्म साहनी
35–40 शब्दों वाले उच्च स्तरीय प्रश्न (उत्तर सहित)
प्रश्न 1 (Analysis + Interpretation)
पिताजी का “घर सराय बना
हुआ है” कथन केवल हास्य नहीं, बल्कि एक गहरी मानसिक स्थिति को भी व्यक्त करता
है। इस कथन के माध्यम से उनके स्वभाव और दृष्टिकोण का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: पिताजी
का कथन उनके चिड़चिड़े और नियंत्रणप्रिय स्वभाव को दर्शाता है। वे घर में अन्य
जीवों की उपस्थिति से असहज हैं। यह कथन उनके असंतोष और व्यवस्था बनाए रखने की
इच्छा को भी प्रकट करता है।
प्रश्न 2 (Evaluation + Reasoning)
माँ का बार-बार हँसना
और व्यंग्य करना कहानी में केवल हास्य उत्पन्न करता है या किसी गहरे संदेश को भी
व्यक्त करता है? अपने तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: माँ
का व्यवहार केवल हास्य नहीं, बल्कि सहिष्णुता और सकारात्मक दृष्टिकोण को
दर्शाता है। वे प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशील हैं। उनका व्यंग्य पिताजी के
कठोर रवैये पर हल्का विरोध भी प्रकट करता है।
प्रश्न 3 (Critical Thinking + Value-based)
कहानी के अंत में
पिताजी के व्यवहार में आए परिवर्तन का क्या कारण था? यह
परिवर्तन उनके व्यक्तित्व के किस पक्ष को उजागर करता है?
उत्तर: नन्हीं
चिड़ियों को देखकर पिताजी का हृदय बदल गया। इससे उनका संवेदनशील और दयालु पक्ष
सामने आया। यह दर्शाता है कि कठोर व्यक्ति भी भावनाओं से प्रभावित होकर बदल सकता
है।
भाग 2:
60 शब्दों वाले उच्च स्तरीय
प्रश्न (उत्तर सहित)
प्रश्न 4 (Analysis + Evaluation)
पूरी कहानी के घटनाक्रम
को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट कीजिए कि पिताजी और माँ के दृष्टिकोण में क्या अंतर
है। यह अंतर हमें जीवन के किस महत्वपूर्ण मूल्य की ओर संकेत करता है?
उत्तर: पिताजी
का दृष्टिकोण कठोर, नियंत्रणकारी और असहिष्णु है,
वे घर को केवल अपना अधिकार
मानते हैं। वहीं माँ का दृष्टिकोण सहनशील, हास्यपूर्ण और प्रकृति के प्रति प्रेम से भरा
है। यह अंतर हमें सिखाता है कि जीवन में सह-अस्तित्व, धैर्य और संवेदनशीलता
अधिक महत्वपूर्ण हैं। कठोरता के बजाय समझदारी और सहानुभूति अपनानी चाहिए।
प्रश्न 5 (Critical Thinking + Application)
यदि आप इस कहानी के
कथावाचक की जगह होते, तो पिताजी और माँ के बीच संतुलन स्थापित करने के
लिए आप क्या करते? अपने निर्णय का तर्क सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: यदि
मैं कथावाचक होता, तो मैं पिताजी को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास करता कि
पक्षियों को नुकसान पहुँचाना उचित नहीं है। साथ ही माँ का समर्थन करते हुए संतुलित
समाधान सुझाता, जैसे खिड़कियाँ बंद रखना या सुरक्षित स्थान देना। इससे
सह-अस्तित्व बना रहता और सभी संतुष्ट रहते।
प्रश्न 6 (Evaluation + Creation)
कहानी के अंत में
पिताजी का परिवर्तन केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक नैतिक संदेश भी है। इस परिवर्तन के
आधार पर कहानी के मूल संदेश का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: पिताजी
का परिवर्तन दर्शाता है कि मनुष्य के भीतर संवेदनशीलता छिपी होती है, जो सही परिस्थिति में
जागृत हो जाती है। यह कहानी सिखाती है कि हमें अन्य जीवों के प्रति दया और
सह-अस्तित्व का भाव रखना चाहिए। कठोरता छोड़कर करुणा अपनाने से ही सच्ची मानवता
प्रकट होती है।
भाग 3:
Logical High-Level MCQs
प्रश्न 1 (Inference Based)
पिताजी का बार-बार
गौरैयों को निकालने का प्रयास मुख्यतः किस मानसिकता को दर्शाता है?
(क)
प्रकृति प्रेम
(ख) नियंत्रण और स्वामित्व की
भावना
(ग) हास्यप्रियता
(घ) आलस्य
उत्तर: (ख)
प्रश्न 2 (Cause-Effect)
पिताजी के व्यवहार में
परिवर्तन का मुख्य कारण क्या था?
(क) माँ की बात मानना
(ख) थक जाना
(ग) नन्हीं चिड़ियों को देखना
(घ) दरवाजे बंद होना
उत्तर: (ग)
प्रश्न 3 (Higher Order Thinking)
यदि कहानी का अंत
नन्हीं चिड़ियों के बिना होता, तो संदेश में क्या अंतर आता?
(क) संदेश वही रहता
(ख) संवेदनशीलता का प्रभाव कम
हो जाता
(ग) हास्य बढ़ जाता
(घ) कहानी समाप्त नहीं होती
उत्तर: (ख)
प्रश्न 4 (Assertion-Reason)
कथन (A): माँ का व्यवहार अधिक मानवीय और संतुलित है।
कारण (R): वे पक्षियों के प्रति सहानुभूति रखती हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं
(ख) A सही, R गलत
(ग) A गलत, R सही
(घ) दोनों गलत
उत्तर: (क)
प्रश्न 5 (Application)
कहानी के आधार पर
“सह-अस्तित्व” का सही अर्थ क्या है?
(क) केवल मनुष्यों का रहना
(ख) सभी जीवों के साथ मिलकर
रहना
(ग) केवल घर की रक्षा करना
(घ) दूसरों को हटाना
उत्तर: (ख)
Assertion–Reason आधारित प्रश्न (High Level)
प्रश्न 1
कथन (A): पिताजी घर को “सराय” कहते हैं।
कारण (R): घर में अनेक प्रकार के जीव-जंतु रहते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A का
सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
प्रश्न 2
कथन (A): माँ का व्यवहार कहानी में संतुलित और सहिष्णु है।
कारण (R): माँ जीव-जंतुओं को घर से निकालने के पक्ष में हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (ग)
प्रश्न 3
कथन (A): पिताजी गौरैयों को निकालने के लिए बार-बार प्रयास करते हैं।
कारण (R): वे घर को केवल मनुष्यों के रहने योग्य स्थान मानते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
प्रश्न 4
कथन (A): गौरैयाँ बार-बार घर में लौट आती हैं।
कारण (R): घर में उनके घोंसले और बच्चे हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
प्रश्न 5
कथन (A): कहानी के अंत में पिताजी का व्यवहार बदल जाता है।
कारण (R): उन्हें अपनी गलती का अहसास हो जाता है।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
प्रश्न 6 (Higher Order)
कथन (A): नन्हीं चिड़ियों का दृश्य कहानी का Turning Point है।
कारण (R): इससे पिताजी की संवेदनशीलता जागृत होती है।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
प्रश्न 7 (Critical Thinking)
कथन (A): पिताजी का कठोर व्यवहार अंततः निरर्थक सिद्ध होता है।
कारण (R): प्रकृति के साथ संघर्ष करने के बजाय सामंजस्य आवश्यक है।
(क) A और R दोनों सही हैं तथा R सही कारण है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R सही कारण नहीं है
(ग) A सही है, R गलत
है
(घ) A गलत है, R सही
है
उत्तर: (क)
भाग 1: Case-Based Questions (HOTS)
Case (स्थिति आधारित प्रश्न)
मान लीजिए कि आपके घर
में भी पक्षियों ने घोंसला बना लिया है और आपके परिवार के सदस्य उन्हें हटाना
चाहते हैं।
प्रश्न 1 (Analysis + Decision Making)
आप इस स्थिति में क्या
निर्णय लेंगे? अपने उत्तर में सह-अस्तित्व और मानवीय दृष्टिकोण
को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (Indicative):
मैं पक्षियों को नुकसान
पहुँचाने के बजाय सह-अस्तित्व अपनाने का प्रयास करूँगा/करूँगी। परिवार को समझाऊँगा
कि जीव-जंतुओं के प्रति दया रखना आवश्यक है। साथ ही घर की स्वच्छता और सुरक्षा
बनाए रखते हुए संतुलित समाधान खोजूँगा।
प्रश्न 2 (Evaluation + Value-based)
यदि पिताजी की तरह कठोर
व्यवहार अपनाया जाए, तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं? तर्क
सहित लिखिए।
उत्तर:
कठोर व्यवहार से जीवों को हानि
पहुँच सकती है और मनुष्य में संवेदनशीलता कम हो जाती है। इससे घर का वातावरण भी
तनावपूर्ण हो सकता है। इसलिए सहानुभूति और समझदारी से कार्य करना अधिक उचित है।
प्रश्न 3 (Critical Thinking)
कहानी के आधार पर
“सह-अस्तित्व” को अपने शब्दों में परिभाषित कीजिए और उसका महत्व बताइए।
उत्तर:
सह-अस्तित्व का अर्थ है सभी
जीवों के साथ मिल-जुलकर रहना। यह हमें दया, सहयोग और संतुलन सिखाता है। इससे प्रकृति और
मानव जीवन में सामंजस्य बना रहता है।
भाग
2: Passage-Based MCQs
(Competency Based)
गद्यांश
आधारित प्रश्न
(कहानी के उस भाग पर आधारित जहाँ पिताजी गौरैयों को निकालने
का प्रयास करते हैं)
प्रश्न 1 (Inference)
पिताजी का बार-बार
प्रयास क्या दर्शाता है?
(क) धैर्य
(ख) नियंत्रण की इच्छा
(ग) प्रेम
(घ) हास्य
उत्तर: (ख)
प्रश्न 2 (Cause-Effect)
गौरैयाँ बार-बार घर में
क्यों लौट आती हैं?
(क) उन्हें डर नहीं लगता
(ख) वहाँ उनका घोंसला और बच्चे
हैं
(ग) घर बड़ा है
(घ) दरवाजे खुले हैं
उत्तर: (ख)
प्रश्न 3 (Character Analysis)
माँ का व्यवहार किस गुण
को दर्शाता है?
(क) क्रोध
(ख) धैर्य और सहानुभूति
(ग) भय
(घ) आलस्य
उत्तर: (ख)
प्रश्न 4 (Higher Order Thinking)
कहानी में हास्य का
प्रयोग मुख्यतः किस उद्देश्य से किया गया है?
(क) मनोरंजन के लिए
(ख) संदेश को प्रभावी बनाने के
लिए
(ग) कहानी लंबी करने के लिए
(घ) पात्रों को कमजोर दिखाने के
लिए
उत्तर: (ख)
प्रश्न 5 (Evaluation)
कहानी का मुख्य संदेश
क्या है?
(क) कठोरता अपनाना
(ख) प्रकृति से दूर रहना
(ग) सह-अस्तित्व और संवेदनशीलता
(घ) घर की सफाई
उत्तर: (ग)