PADHNA LIKHNA

KYA LIKHUN - क्या लिखूँ

#LEKHAK PARICHAY

Class 9 GANGA_NEW chapter 2 one shot

CBSE class 9 GANGA_NEWKYA LIKHUN

क्या लिखूँ- लेखक परिचय – पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

 

  • जन्म: सन् 1894
  • जन्म स्थान: खैरागढ़, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्यप्रदेश)
  • पहचान:
    • प्रसिद्ध हिंदी लेखक
    • आलोचक, कवि, निबंधकार और हास्य-व्यंग्यकार
  • विशेषता:
    • विशेष रूप से निबंध लेखन के लिए प्रसिद्ध
    • लेखन में सरलता, स्पष्टता और तार्किकता
  • प्रमुख रचनाएँ:
    • पंच-पात्र
    • पद्म-वन
    • प्रबंध पारिजात
    • अश्रुजल
    • शतदल
    • त्रिवेणी (कहानी संग्रह)
  • अन्य कार्य:
    • सरस्वती और छाया पत्रिकाओं का संपादन किया
  • लेखन की विशेषताएँ:
    • अध्यात्म, समाज-सुधार और लोकजीवन पर जोर
    • भारतीय समाज और कृषि जीवन का चित्रण
    • तार्किक विश्लेषण और विचारशीलता
  • निधन: सन् 1971

#SARANSH HARD WORD MUHAWARE

CBSE class 9 GANGA_NEW KYA LIKHUN

KYA LIKHUN - क्या class 9 summary in Hindi

क्या लिखूँ- पाठ का सारांश 

“क्या लिखूँ?” पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी द्वारा लिखित एक विचारात्मक निबंध है, जिसमें लेखक निबंध लेखन की प्रक्रिया और उसकी कठिनाइयों का वर्णन करते हैं। लेखक बताते हैं कि निबंध लिखते समय मन में अनेक विचार आते हैं, परंतु किसी एक विषय को चुनना कठिन होता है। वे मानते हैं कि अच्छा निबंध वही होता है जिसमें लेखक की सच्ची अनुभूति और व्यक्तिगत अनुभव शामिल हो। केवल विषय या शब्दों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि भावनाओं की सच्चाई आवश्यक है।

लेखक यह भी बताते हैं कि निबंध छोटा, सरल और स्पष्ट होना चाहिए तथा उसमें भाषा की शुद्धता और विचारों की स्पष्टता होनी चाहिए। अंत में लेखक इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि लेखन में अनुभव, मौलिकता और अभिव्यक्ति का विशेष महत्व होता है, और इन्हीं के आधार पर एक श्रेष्ठ निबंध लिखा जा सकता है।

कठिन शब्द – अर्थ – पाठानुसार वाक्य

1. मानसिक स्थिति

अर्थ: मन की अवस्था
वाक्य: लेखक की मानसिक स्थिति ऐसी थी कि वे कोई विषय तय नहीं कर पा रहे थे।

2. स्मृति

अर्थ: याद
वाक्य: बचपन की स्मृतियाँ लेखक के मन में बार-बार आती थीं।

3. मौलिक

अर्थ: नया और अपना विचार
वाक्य: लेखक मौलिक विषय पर निबंध लिखना चाहते थे।

अभिव्यक्ति

अर्थ: विचार प्रकट करना
वाक्य: लेखक अपने विचारों की अभिव्यक्ति सही विषय में करना चाहते थे।

अनुभूति

अर्थ: अनुभव / एहसास
वाक्य: लेखक कहते हैं कि बिना अनुभूति के अच्छा लेखन संभव नहीं है।

6. परिश्रम

अर्थ: मेहनत
वाक्य: लेखक ने निबंध लिखने में विशेष परिश्रम किया।

7. आदर्श

अर्थ: उत्तम / श्रेष्ठ
वाक्य: लेखक माता और आम के लिए आदर्श निबंध लिखना चाहते थे।

8. विरोध

अर्थ: असहमति / विरोध करना
वाक्य: लेखक ने पुराने विषयों के विरोध में नया विषय चुनने का विचार किया।

9. अनुसंधान

अर्थ: खोज / अध्ययन
वाक्य: लेखक के पास पुस्तकालय में जाकर अनुसंधान करने का समय नहीं था।

10. निष्कर्ष

अर्थ: अंतिम परिणाम
वाक्य: लेखक ने निष्कर्ष निकाला कि विषय से अधिक अनुभूति महत्वपूर्ण है।


  मुहावरे – अर्थ – पाठानुसार वाक्य

1. मन ऊब जाना

अर्थ: मन का उचट जाना
वाक्य: लेखक का मन किसी विषय पर टिक नहीं रहा था और वह ऊब गया था।

2. दिल में उठना

अर्थ: मन में विचार आना
वाक्य: लेखक के मन में नए-नए विचार दिल में उठते रहते थे।

3. हाथ लगना

अर्थ: मिल जाना
वाक्य: लेखक को सही विषय हाथ नहीं लग रहा था।

4. सिर खपाना

अर्थ: बहुत सोचना
वाक्य: लेखक विषय चुनने में बहुत सिर खपा रहे थे।

5. दुविधा में पड़ना

अर्थ: उलझन में होना
वाक्य: लेखक कई विषयों को लेकर दुविधा में पड़ गए थे।

6. दिल खोलना

अर्थ: खुलकर कहना
वाक्य: लेखक चाहते थे कि वे अपने विचार दिल खोलकर लिखें।

#Worksheet

COMPETENCY BASED WORKSHEET

KYA LIKHUN - क्या class 9 NCERT solutions

पाठ: “क्या लिखूँ?” (पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी)

MCQ (Understanding + Concept)

  1. लेखक के अनुसार अच्छा निबंध किस पर आधारित होना चाहिए?
    (a) केवल भाषा
    (b) अनुभव और अभिव्यक्ति
    (c) बड़े शब्द
    (d) लंबाई
  1. लेखक को निबंध लिखते समय सबसे अधिक कठिनाई किसमें होती है?
    (a) भाषा में
    (b) विषय चयन में
    (c) लिखने में
    (d) पढ़ने में
  1. “दो बोल” का अर्थ है—
    (a) शब्दों की संख्या
    (b) अनुभव और भावना
    (c) कठिन भाषा
    (d) व्याकरण
  1. छोटा निबंध क्यों अच्छा माना गया है?
    (a) जल्दी खत्म होता है
    (b) स्पष्ट और प्रभावी होता है
    (c) आसान होता है
    (d) कम लिखना पड़ता है

Assertion–Reason (Analytical Thinking)

  1. Assertion (A): अच्छा निबंध अनुभव पर आधारित होता है।
    Reason (R): केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं होता।

(a) दोनों सही, R सही कारण है
(b) दोनों सही, पर R कारण नहीं
(c) A सही, R गलत
(d) A गलत, R सही

  1. Assertion (A): लेखक छोटे निबंध को अधिक प्रभावी मानते हैं।
    Reason (R): बड़े निबंध में विचार भटक सकते हैं।

Case-Based Questions (Application)

Case:
एक छात्र निबंध लिखते समय बहुत कठिन शब्दों का प्रयोग करता है, लेकिन उसमें स्पष्ट विचार नहीं होते।

  1. यह लेखन किस कमी को दर्शाता है?
  2. लेखक के अनुसार इसमें क्या सुधार किया जाना चाहिए?

Case 2:
एक छात्र अपने अनुभव के आधार पर सरल भाषा में निबंध लिखता है।

  1. यह लेखन क्यों प्रभावशाली होगा?
  2. इसमें कौन-से गुण दिखाई देते हैं?

Short Answer (40–50 words)

  1. लेखक के अनुसार अच्छा निबंध कैसा होना चाहिए?
  2. निबंध लिखने में विषय चयन क्यों महत्वपूर्ण है?
  3. “अनुभव आधारित लेखन” का क्या महत्व है?

Long Answer (60–80 words / HOTS)

  1. “निबंध केवल शब्दों का खेल नहीं है।” स्पष्ट कीजिए।
  2. लेखक के अनुसार निबंध लेखन में सरल भाषा क्यों आवश्यक है?
  3. यदि आपको निबंध लिखना हो, तो आप कौन-सी तैयारी करेंगे?

Vocabulary & Language

  1. निम्न शब्दों के सरल अर्थ लिखिए:
  • आवेग
  • यथार्थ
  • अनुसंधान
  1. समानार्थी शब्द लिखिए:
  • मधुर
  • विचार
  1. मुहावरे का अर्थ लिखिए:
  • मन ऊब जाना
  • हाथ लगना

Creative Thinking

  1. “यदि मुझे निबंध लिखना हो…” विषय पर 5–6 पंक्तियाँ लिखिए।
  2. “सरल भाषा ही श्रेष्ठ भाषा है” — इस पर अपने विचार लिखिए।

Value-Based Questions

  1. क्या आप मानते हैं कि अनुभव से सीखना अधिक प्रभावी होता है? कारण सहित लिखिए।
  2. क्या कठिन भाषा हमेशा अच्छा लेखन बनाती है? अपने विचार दीजिए।

 Section I: Activity-Based Learning

  1. किसी एक विषय (जैसे: मेरा विद्यालय / मेरा मित्र) पर
    5 बिंदु बनाइए
    उन्हीं बिंदुओं से छोटा निबंध लिखिए 

Very Short Answer (1 Mark)

Q1. निबंध का शाब्दिक अर्थ क्या है?

उत्तर: निबंध का अर्थ है ‘बाँधना’ अर्थात विचारों को जोड़कर प्रस्तुत करना।

Q2. लेखक के अनुसार निबंध किस पर आधारित होना चाहिए?

उत्तर: अनुभव और अभिव्यक्ति पर।

Q3. “दो बोल” का क्या अर्थ है?

उत्तर: अनुभव और भावना।

Q4. निबंध छोटा क्यों होना चाहिए?

उत्तर: क्योंकि छोटा निबंध अधिक स्पष्ट और प्रभावी होता है।

 Short Answer (2–3 Marks)

Q5. लेखक को निबंध लिखते समय क्या कठिनाई होती है?

उत्तर: लेखक को सबसे अधिक कठिनाई विषय चुनने में होती है। उनके मन में कई विचार आते हैं, पर वे तय नहीं कर पाते कि किस विषय पर लिखें।

Q6. अनुभव आधारित लेखन का क्या महत्व है?

उत्तर: अनुभव आधारित लेखन अधिक सच्चा और प्रभावशाली होता है। इससे पाठक आसानी से जुड़ जाता है और निबंध अधिक विश्वसनीय बनता है।

Q7. लेखक छोटे निबंध को अधिक अच्छा क्यों मानते हैं?

उत्तर: छोटे निबंध में विचार स्पष्ट और सटीक होते हैं। बड़े निबंध में विषय से भटकाव हो सकता है, इसलिए छोटा निबंध अधिक प्रभावी होता है।

Long Answer (4–5 Marks)

Q8. “निबंध केवल शब्दों का खेल नहीं है।” स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: निबंध केवल सुंदर शब्दों का प्रयोग नहीं है, बल्कि उसमें लेखक के अनुभव, विचार और भावनाएँ झलकनी चाहिए। केवल कठिन शब्दों से निबंध प्रभावशाली नहीं बनता। जब लेखक अपने अनुभव और सच्ची भावना के साथ लिखता है, तभी निबंध जीवंत और प्रभावी बनता है। इसलिए निबंध में अभिव्यक्ति और अनुभव का विशेष महत्व है।

Q9. लेखक के अनुसार अच्छा निबंध लिखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर:
अच्छा निबंध लिखने के लिए विषय की स्पष्टता, सरल भाषा, विचारों का क्रमबद्ध होना और अनुभव का समावेश आवश्यक है। निबंध छोटा और प्रभावशाली होना चाहिए। लेखक को अपने विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने चाहिए ताकि पाठक आसानी से समझ सके।

MCQ (Answers Included)

  1. सही उत्तर: (b) अनुभव और अभिव्यक्ति
  2. सही उत्तर: (b) विषय चयन
  3. सही उत्तर: (b) अनुभव और भावना
  4. सही उत्तर: (b) स्पष्ट और प्रभावी होता है

Assertion–Reason

Q10. (a) दोनों सही, R सही कारण है

 Case-Based

Q11. कठिन शब्दों वाला निबंध किस कमी को दर्शाता है?

उत्तर: यह दर्शाता है कि लेखक विचारों की स्पष्टता पर ध्यान नहीं दे रहा है।

Q12. इसमें क्या सुधार होना चाहिए?

उत्तर: सरल भाषा और स्पष्ट विचारों का प्रयोग करना चाहिए।

Very Short Vocabulary

Q13. आवेग → अचानक भावना

Q14. यथार्थ → सच्चाई

Q15. अनुसंधान → खोज

Q16. “यदि मुझे निबंध लिखना हो…”

उत्तर: यदि मुझे निबंध लिखना हो, तो मैं पहले विषय चुनूँगा। फिर उससे जुड़े अपने विचार और अनुभव लिखूँगा। मैं सरल भाषा का प्रयोग करूँगा और निबंध को स्पष्ट व प्रभावशाली बनाने का प्रयास करूँगा।

#Textbook Q & A

CBSE GANGA_NEW Chapter 2- क्या लिखूँ
class 9 KYA LIKHUN - क्या revision notes

मेरे उत्तर मेरे तर्क (MCQ + Explanation)

1. सही उत्तर:

(ख) विचारों के अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण में

Explanation:
लेखक का कहना है कि निबंध में शब्दों की सजावट से अधिक महत्वपूर्ण है विचारों की स्पष्टता और प्रभाव। इसलिए सही उत्तर (ख) है, क्योंकि यही निबंध की गुणवत्ता को बढ़ाता है।

2. सही उत्तर:

(घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना

Explanation:
लेखक मानते हैं कि अच्छा लेखन अनुभव और सच्ची अनुभूति पर आधारित होना चाहिए। इसलिए अनुभव-आधारित लेखन ही प्रभावी निबंध की पहचान है।

3. सही उत्तर:

(घ) अभिव्यक्ति और अनुभव

Explanation:
इस कथन में ‘दो बोल’ से तात्पर्य भावनात्मक अभिव्यक्ति और अनुभव से है, जो लेखन को प्रभावशाली बनाते हैं। इसलिए यह विकल्प सबसे उपयुक्त है।

4. सही उत्तर:

(घ) सामाजिक सुधार के उदाहरण के रूप में

Explanation:
अमीर खुसरो की कहानी का प्रयोग लेखक ने समाज में सुधार की आवश्यकता को समझाने के लिए किया है, इसलिए यह विकल्प सही है।


5. सही उत्तर:

(क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है

Explanation:
लेखक स्पष्ट करते हैं कि समाज-सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है, जो हर समय आवश्यक होती है, इसलिए यह विकल्प सही है।

मेरी समझ में विचार (Long Answers)

1. निबंध लेखन के विषय में ए. जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में अंतर बताइए।

उत्तर: ए. जी. गार्डिनर का मानना है कि निबंध लेखन एक विशेष मानसिक स्थिति में होता है, जिसमें विचार स्वतः आते हैं। जबकि लेखक का विचार है कि केवल मानसिक स्थिति पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुभव, मौलिकता और सही विषय का चयन भी आवश्यक है। लेखक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हैं और निबंध लेखन में तैयारी, योजना और स्पष्टता को अधिक महत्व देते हैं।

2. लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं — कैसे?

उत्तर: लेखक के अनुसार वृद्ध अपने अतीत को श्रेष्ठ मानते हैं और वर्तमान से संतुष्ट नहीं होते, जबकि तरुण भविष्य की आशाओं में वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं। इस प्रकार दोनों ही वर्ग वर्तमान की वास्तविकता को स्वीकार नहीं करते और अपनी-अपनी सोच के कारण असंतोष में रहते हैं।

3. नीलिमा और अनीता किन विषयों पर निबंध लिखना चाहती थीं? लेखक को क्या कठिनाइयाँ आईं?

उत्तर: नीलिमा और अनीता समाज-सुधार जैसे विषयों पर निबंध लिखना चाहती थीं। लेखक को विषय चुनने, मौलिक विचार प्रस्तुत करने और सीमित समय में उचित सामग्री एकत्र करने में कठिनाई हुई। उन्हें यह भी समस्या थी कि वे सामान्य विषयों पर नया और प्रभावशाली दृष्टिकोण प्रस्तुत नहीं कर पा रहे थे।

4. निबंध लिखने के लिए लेखक किन तैयारियों को आवश्यक मानते हैं?

उत्तर: लेखक के अनुसार निबंध लिखने से पहले विषय की स्पष्टता, विचारों का संगठन, उचित सामग्री का संग्रह और भाषा की सरलता आवश्यक है। साथ ही, लेखक को अपने अनुभव और भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की क्षमता होनी चाहिए, जिससे निबंध प्रभावशाली बन सके।

5. “मैंने न जो कुछ देखा, सुना और अनुभव किया, उसे ही अपने निबंधों में लिखित कर दिया” — इस कथन का महत्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि सच्चा और प्रभावशाली लेखन वही होता है जो व्यक्तिगत अनुभव और वास्तविक जीवन से जुड़ा हो। जब लेखक अपने अनुभवों को ईमानदारी से प्रस्तुत करता है, तो निबंध अधिक प्रभावशाली और विश्वसनीय बनता है। इससे पाठक के साथ भावनात्मक संबंध भी स्थापित होता है।

निबंध लिखने की कला -

  • ‘निबंध’ का शाब्दिक अर्थ है — बाँधना (निबंध)
  • इसका अर्थ है — विचारों को भली-भाँति जोड़कर प्रस्तुत करना
  • निबंध एक ऐसी विधा है जिसमें लेखक:
    • अपने अनुभव व्यक्त करता है
    • अपने विचार प्रस्तुत करता है
    • अपना दृष्टिकोण बताता है
    • अपनी भावनाएँ प्रकट करता है
  • निबंध में प्रस्तुति के गुण:
    • तार्किक (Logical)
    • भावनात्मक (Emotional)
    • क्रमबद्ध (Organized)
    • साहित्यिक (Literary)
  • निबंध का उद्देश्य:
    • किसी विषय को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से समझाना
    • पाठक तक अपने विचारों को सही तरीके से पहुँचाना

भाव-विस्तार (Answers)


1. “जो तरुण संसार के जीवन-संग्राम से दूर हैं, उन्हें संसार का चित्र बड़ा ही मनोहर प्रतीत होता है।”

उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि जो युवा जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों से दूर रहते हैं, उन्हें संसार बहुत सुंदर और सरल लगता है। वे वास्तविक समस्याओं से अनजान होते हैं, इसलिए उन्हें जीवन का वास्तविक स्वरूप समझ में नहीं आता। जब व्यक्ति जीवन के संघर्षों का सामना करता है, तभी उसे सच्चाई का ज्ञान होता है।

2. “मनुष्य जाति के इतिहास में कोई ऐसा काल नहीं हुआ, जब सुधारों की आवश्यकता न हुई हो।”

उत्तर: इस कथन का भाव यह है कि समाज में हर समय कुछ न कुछ कमियाँ और समस्याएँ होती रहती हैं। इसलिए सुधार की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है। चाहे प्राचीन काल हो या आधुनिक, समाज को बेहतर बनाने के लिए सुधार आवश्यक हैं। यही सुधार समाज को प्रगति और विकास की ओर ले जाते हैं।

3. “आज जो तरुण हैं, वही वृद्ध होकर अतीत में गौरव का स्वप्न देखेंगे।”

उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि जो युवा आज वर्तमान में जी रहे हैं, वे भविष्य में वृद्ध होकर अपने अतीत को याद करेंगे और उसे श्रेष्ठ मानेंगे। जैसे आज के वृद्ध अपने समय को अच्छा मानते हैं, वैसे ही आज के युवा भी आगे चलकर अपने समय को गौरवपूर्ण समझेंगे। यह एक स्वाभाविक मानव प्रवृत्ति है।

4. “निबंध छोटा होना चाहिए; छोटा निबंध बड़े के अपेक्षा अधिक अच्छा होता है।”

उत्तर: इस कथन का भाव यह है कि निबंध में अनावश्यक विस्तार से बचना चाहिए। छोटा और संक्षिप्त निबंध अधिक प्रभावशाली होता है क्योंकि उसमें विचार स्पष्ट और सीधे होते हैं। बड़े निबंध में अक्सर विषय से भटकाव हो जाता है, जबकि छोटे निबंध में मुख्य बातों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

विषयों से संवाद (Answers)

1. महान व्यक्तियों के कार्य (बुद्धदेव, महावीर, विवेकानंद, कबीर आदि)

उत्तर: बुद्धदेव ने अहिंसा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। महावीर स्वामी ने सत्य, अहिंसा और त्याग का मार्ग दिखाया। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास और सेवा का संदेश दिया। कबीर ने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और सच्चे धर्म का मार्ग बताया। इन सभी महान व्यक्तियों ने अपने कार्यों से समाज को सही दिशा दी और सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

2. अपने आसपास के सुधार कार्य करने वाले व्यक्तियों पर विचार

उत्तर: हमारे समाज में भी अनेक लोग सुधार के कार्य करते हैं, जैसे शिक्षक शिक्षा का प्रचार करते हैं, सामाजिक कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान चलाते हैं और स्वयंसेवी संस्थाएँ गरीबों की सहायता करती हैं। ये लोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

3. यदि आपको समाज-सुधार का अवसर मिले तो आप क्या करेंगे?

उत्तर: यदि मुझे समाज-सुधार का अवसर मिले, तो मैं सबसे पहले शिक्षा और स्वच्छता पर ध्यान दूँगा। मैं लोगों को जागरूक करूँगा कि शिक्षा से ही जीवन सुधर सकता है। साथ ही, स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताऊँगा। मैं समानता और भाईचारे को भी बढ़ावा दूँगा।

4. भारतीय ज्ञान परंपरा में संतुलन (चर्चा)

उत्तर: भारतीय ज्ञान परंपरा में जीवन के विभिन्न पहलुओं—नैतिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक—के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। हमारे ग्रंथ हमें सिखाते हैं कि जीवन में केवल भौतिक सुख ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और आत्मिक शांति का भी महत्व है। संतुलन से ही जीवन सफल और सुखी बनता है।

सृजन (Creative Writing Answers)

1. “आपने वह लोकोक्ति भी सुनी होगी…” — लेख

उत्तर: लोकजीवन में प्रचलित लोकोक्तियाँ हमारे अनुभव और जीवन के सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती हैं। ये हमें सही मार्ग दिखाती हैं और हमारे विचारों को दिशा देती हैं। लोकोक्तियाँ समाज की सोच, संस्कृति और अनुभव का प्रतिबिंब होती हैं। इनके माध्यम से हम जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को आसानी से समझ सकते हैं। इसलिए लोकोक्तियाँ हमारे जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।

2. “जब ढोल के पास बैठे…” — अनुभव लेखन

उत्तर: एक बार मैं एक समारोह में गया, जहाँ ढोल बहुत जोर से बज रहा था। उसके पास बैठने से कानों में तेज आवाज गूँजने लगी और असुविधा होने लगी। कुछ समय बाद मैं वहाँ से हटकर थोड़ी दूर चला गया। वहाँ वातावरण शांत और मधुर लगा। इस अनुभव से मैंने सीखा कि अत्यधिक शोर से दूर रहना चाहिए और संतुलित वातावरण में रहना अधिक सुखद होता है।

समास-विग्रह और समास का नाम

उदाहरण दिया गया था:
निबंधशास्त्र → निबंध का शास्त्र → तत्पुरुष समास

अब इसी आधार पर कुछ और सही उत्तर -

सामासिक पदसमास-विग्रहसमास का नाम
समाज-सुधारसमाज का सुधारतत्पुरुष समास
जीवन-संग्रामजीवन का संग्रामतत्पुरुष समास
आत्मविश्वासआत्म का विश्वासतत्पुरुष समास
देश-भक्तिदेश के प्रति भक्तितत्पुरुष समास
मातृभूमिमाता के समान भूमिकर्मधारय समास
मधुरवाणीमधुर वाणीकर्मधारय समास
दिन-रातदिन और रातद्वंद्व समास
सुख-दुखसुख और दुखद्वंद्व समास
चतुराननचार मुख वालाबहुव्रीहि समास
नीलकमलनीला कमलकर्मधारय समास

उपसर्ग (Prefixes) वाले वाक्य — उत्तर

(i) “आज तक कितने ही सुधारक हो गए हैं”

उपसर्ग: सुधारक = सु + धारक
अर्थ: अच्छा करने वाला

(ii) “लेखों का शीर्षक बनाने में ही सबसे अधिक कठिनाई होती है”

उपसर्ग: कठिनाई = कठिन + आई (प्रत्यय)
यहाँ मुख्य शब्द: कठिन

रिक्त स्थान भरिए (उपसर्ग/प्रत्यय)

1. निबंध लिखना बड़ी ______ (कठिन) की बात है।

✔ उत्तर: कठिनाई

2. वर्तमान से दोनों ______ (संतोष) होते हैं।

✔ उत्तर: असंतोष

3. वाक्यों में कुछ ______ (“स्पष्ट”) भी चाहिए, क्योंकि यह ______ (“स्पष्ट”) या ______ (“बोध”) गंभीरता को बढ़ाती है।

✔ उत्तर:

  • स्पष्टता
  • स्पष्ट
  • बोध

पूरा वाक्य:
वाक्यों में कुछ स्पष्टता भी चाहिए, क्योंकि यह स्पष्ट या बोध गंभीरता को बढ़ाती है।

उपसर्ग/प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए

मूल शब्दउपसर्ग/प्रत्ययनया शब्द
सुधारसुसुधार
संतोषअसंतोष
ज्ञानअज्ञान
विश्वासअविश्वास
लिखलेखक
पढ़पढ़ाई
स्पष्टतास्पष्टता
बोधबोधक

समास के 6 प्रकार (Quick Revision)

  1. तत्पुरुष → “का/के/की” संबंध
  2. कर्मधारय → विशेषण + विशेष्य
  3. द्विगु → संख्या का बोध
  4. बहुव्रीहि → तीसरे के लिए प्रयोग
  5. द्वंद्व → “और” का भाव
  6. अव्ययीभाव → अव्यय प्रधान

उपसर्ग/प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए

दिए गए शब्द: मधुर, सुधार, सुंदर, गति, समाज

उत्तर:

1. मधुर →

  • मधुरता
  • मधुरिम
  • मधुरमय

2. सुधार →

  • सुधारक
  • सुधारात्मक
  • सुधारना

3. सुंदर →

  • सुंदरता
  • सुंदरी
  • सुंदरतम

4. गति →

  • गतिशील
  • गतिमान
  • अगति

5. समाज →

  • सामाजिक
  • समाजिकता
  • असामाजिक

भाव एक शब्द अनेक (समानार्थी शब्द)

दिए गए उदाहरण: विचार–मनन–चिंतन
उसी प्रकार अन्य शब्द 

उत्तर:

1. मधुर → मीठा, सुरीला, रसपूर्ण
वाक्य: उसकी आवाज बहुत मधुर और सुरीली है।

2. मन → हृदय, चित्त, अंतःकरण
वाक्य: उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है।

3. समाज → समुदाय, जनसमूह, लोक
वाक्य: हमें समाज के नियमों का पालन करना चाहिए।

4. सुधार → उन्नति, प्रगति, विकास
वाक्य: शिक्षा से समाज में सुधार आता है।

5. गति → चाल, रफ्तार, वेग
वाक्य: गाड़ी की गति बहुत तेज थी।

गतिविधि (अनमेल वाक्य / हास्य प्रयोग)

दिया गया उदाहरण:
“खीर पकाई जतन से, चरखा दिया चला
आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजा।”

 उत्तर (संक्षेप में व्याख्या):

इस प्रकार के वाक्यों में असंगत (अनमेल) घटनाओं को जोड़कर हास्य उत्पन्न किया जाता है। अमीर खुसरो ने इस शैली का प्रयोग लोगों को हँसाने और मनोरंजन करने के लिए किया।

ऐसे वाक्य यह दिखाते हैं कि

  • घटनाओं में कोई तार्किक संबंध नहीं होता
  • फिर भी वे सुनने में मजेदार लगते हैं
  • यह शैली हास्य और व्यंग्य को प्रभावी बनाती है

उदाहरण (आप भी लिख सकते हैं):
“पानी बरसा छत पे, मछली गई उड़ान,
बिल्ली पढ़े किताब अब, चूहे करें अभियान।”

#CBSE BASED TEST PAPER

HIGH-LEVEL UNIT TEST PAPER

पाठ: “क्या लिखूँ?” – पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

कक्षा: 9 | समय: 1 घंटा 15 मिनट | पूर्णांक: 40


MCQ (Competency Based) (1×6 = 6 अंक)

  1. लेखक “दो बोल” को निबंध में क्यों महत्वपूर्ण मानते हैं?
    (a) भाषा की सजावट के लिए
    (b) विचारों की संख्या बढ़ाने के लिए
    (c) अनुभव और भावना को व्यक्त करने के लिए
    (d) निबंध को लंबा बनाने के लिए
  1. लेखक के अनुसार निम्न में से कौन-सा निबंध अधिक प्रभावी होगा?
    (a) कठिन शब्दों से भरा हुआ
    (b) लंबा और विस्तृत
    (c) अनुभव और सरल भाषा वाला
    (d) केवल जानकारी देने वाला
  1. यदि निबंध में विचार स्पष्ट न हों, तो उसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
    (a) निबंध रोचक लगेगा
    (b) पाठक भ्रमित होगा
    (c) निबंध लंबा होगा
    (d) भाषा बेहतर लगेगी
  1. लेखक के अनुसार निबंध लेखन में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
    (a) भाषा
    (b) विषय चयन
    (c) व्याकरण
    (d) समय
  1. लेखक के विचारों के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
    (a) बड़ा निबंध हमेशा श्रेष्ठ होता है
    (b) कठिन भाषा निबंध को अच्छा बनाती है
    (c) अनुभव आधारित लेखन प्रभावी होता है
    (d) केवल जानकारी ही पर्याप्त है
  1. निबंध में “स्पष्टता” का अभाव किस समस्या को जन्म देता है?
    (a) रोचकता
    (b) भ्रम
    (c) विस्तार
    (d) सौंदर्य

Assertion–Reason (1×4 = 4 अंक)

  1. Assertion (A): लेखक छोटे निबंध को अधिक प्रभावशाली मानते हैं।
    Reason (R): बड़े निबंध में विचार भटक सकते हैं।
  1. Assertion (A): अनुभव आधारित लेखन अधिक प्रभावी होता है।
    Reason (R): यह पाठक को वास्तविकता से जोड़ता है।

Case-Based Questions (HOTS) (2×4 = 8 अंक)

Case 1:
एक छात्र ने निबंध में बहुत कठिन शब्दों का प्रयोग किया, लेकिन उसके विचार स्पष्ट नहीं थे।

  1. यह लेखन किस प्रकार की कमी को दर्शाता है?
  2. लेखक के अनुसार इसमें क्या सुधार किया जाना चाहिए?

Case 2:
एक छात्र अपने अनुभव के आधार पर सरल भाषा में निबंध लिखता है।

  1. यह लेखन अधिक प्रभावशाली क्यों होगा?
  2. इसमें कौन-सी लेखन-विशेषताएँ दिखाई देती हैं?

Very Short Answer (1×4 = 4 अंक)

  1. निबंध का मूल उद्देश्य क्या है?
  2. “मौलिकता” से क्या अभिप्राय है?
  3. “स्पष्टता” क्यों आवश्यक है?
  4. लेखक किस प्रकार की भाषा का समर्थन करते हैं?

Short Answer (2×4 = 8 अंक)

  1. लेखक को निबंध लिखते समय किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
  2. “निबंध केवल शब्दों का खेल नहीं है” — स्पष्ट कीजिए।
  3. विषय चयन निबंध को कैसे प्रभावित करता है?
  4. छोटे निबंध को अधिक प्रभावी क्यों माना गया है?

Long Answer (5×1 = 5 अंक)

  1. लेखक के अनुसार एक प्रभावशाली निबंध लिखने के लिए किन-किन तत्वों का होना आवश्यक है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

Creative & Analytical Writing (5×1 = 5 अंक)

  1. “सरल भाषा और स्पष्ट विचार ही अच्छे निबंध की पहचान हैं।”
    इस कथन के पक्ष या विपक्ष में 100–120 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 
EXTRA QUESTION

कथन–कारण प्रश्न (Assertion–Reason)

निर्देश:
(a) दोनों सही हैं और कारण, कथन का सही स्पष्टीकरण है
(b) दोनों सही हैं पर कारण, कथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(c) कथन सही है, कारण गलत है
(d) कथन गलत है, कारण सही है

1. कथन (A): लेखक छोटे निबंध को अधिक प्रभावशाली मानते हैं।

कारण (R): छोटे निबंध में विचार स्पष्ट और सटीक रहते हैं।

उत्तर: (a)

2. कथन (A): लेखक कठिन शब्दों के प्रयोग को निबंध की गुणवत्ता का आधार नहीं मानते।

कारण (R): कठिन भाषा पाठक को भ्रमित कर सकती है।

उत्तर: (a)

3. कथन (A): अनुभव आधारित लेखन अधिक प्रभावशाली होता है।

कारण (R): यह पाठक को वास्तविक जीवन से जोड़ता है।

उत्तर: (a)

4. कथन (A): लेखक के अनुसार विषय चयन निबंध का सबसे सरल भाग है।

कारण (R): लेखक को विषय चुनने में कठिनाई होती है।

उत्तर: (d)

5. कथन (A): निबंध में स्पष्टता का अभाव होने पर पाठक भ्रमित हो सकता है।

कारण (R): अस्पष्ट विचार निबंध की प्रभावशीलता को कम करते हैं।

उत्तर: (a)

6. कथन (A): लेखक मानते हैं कि केवल पुस्तकीय ज्ञान से अच्छा निबंध लिखा जा सकता है।

कारण (R): अनुभव और भावना लेखन को प्रभावी बनाते हैं।

उत्तर: (d)

7. कथन (A): निबंध में मौलिकता आवश्यक है।

कारण (R): मौलिकता निबंध को रोचक और प्रभावी बनाती है।

उत्तर: (a)

8. कथन (A): लेखक लंबा निबंध लिखने का समर्थन करते हैं।

कारण (R): लंबा निबंध अधिक जानकारी देता है।

उत्तर: (c)

9. कथन (A): लेखक के अनुसार भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।

कारण (R): सरल भाषा से पाठक आसानी से समझ पाता है।

उत्तर: (a)

10. कथन (A): निबंध में विचारों का क्रमबद्ध होना आवश्यक है।

कारण (R): असंगठित विचार निबंध को कमजोर बना देते हैं।

उत्तर: (a)

CASE STUDY BASED QUESTIONS -

Case Study – 1

एक छात्र निबंध लिखते समय कठिन शब्दों और अलंकारों का अधिक प्रयोग करता है, परंतु उसके विचार स्पष्ट नहीं होते। पाठक को निबंध समझने में कठिनाई होती है। वह मानता है कि कठिन भाषा से ही निबंध अच्छा बनता है।

प्रश्न:

  1. इस छात्र की लेखन शैली में मुख्य कमी क्या है?
  2. लेखक के अनुसार निबंध में किस बात को प्राथमिकता देनी चाहिए?
  3. क्या कठिन भाषा निबंध को प्रभावशाली बनाती है? तर्क सहित लिखिए।
  4. इस छात्र को आप क्या सुधार करने की सलाह देंगे?

Case Study – 2

एक छात्र अपने जीवन के अनुभवों को सरल भाषा में निबंध के रूप में लिखता है। उसके विचार स्पष्ट और क्रमबद्ध होते हैं, जिससे पाठक आसानी से जुड़ जाता है।

प्रश्न:

  1. इस छात्र का निबंध प्रभावशाली क्यों है?
  2. इसमें कौन-कौन से गुण दिखाई देते हैं?
  3. क्या यह लेखन लेखक के विचारों के अनुरूप है? क्यों?
  4. इस प्रकार के लेखन से पाठक पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Case Study – 3

एक विद्यार्थी निबंध लिखते समय कई विषयों के बीच उलझ जाता है और किसी एक विषय पर केंद्रित नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप उसका निबंध असंगठित और अस्पष्ट हो जाता है।

प्रश्न:

  1. इस समस्या का मुख्य कारण क्या है?
  2. लेखक के अनुसार इस स्थिति से कैसे बचा जा सकता है?
  3. विषय चयन निबंध की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करता है?
  4. इस विद्यार्थी को कौन-सी लेखन रणनीति अपनानी चाहिए?

 Case Study – 4

एक लेखक निबंध लिखते समय अपने अनुभवों को शामिल नहीं करता और केवल पुस्तकीय जानकारी पर निर्भर रहता है। उसका निबंध तथ्यपूर्ण तो होता है, परंतु उसमें प्रभाव और भावनात्मक जुड़ाव की कमी होती है।

प्रश्न:

  1. इस निबंध की मुख्य कमजोरी क्या है?
  2. अनुभव का लेखन में क्या महत्व है?
  3. पाठक के दृष्टिकोण से यह निबंध कैसा लगेगा?
  4. इसे प्रभावशाली बनाने के लिए क्या किया जा सकता है?

Case Study – 5

एक छात्र लंबा निबंध लिखता है, जिसमें कई अनावश्यक बातें शामिल होती हैं। उसके विचार बार-बार दोहराए जाते हैं, जिससे निबंध उबाऊ हो जाता है।

प्रश्न:

  1. इस निबंध की मुख्य समस्या क्या है?
  2. लेखक छोटे निबंध को क्यों बेहतर मानते हैं?
  3. इस निबंध को सुधारने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
  4. संक्षिप्तता निबंध में कैसे सहायक होती है?
class 9 GANGA_NEW chapter 2 one shot

#SEEN PASSAGE- पठित गद्यांश

1. पठित गद्यांश  (300+ शब्द)

CBSE class 9 GANGA_NEWNCERT 

class 9 GANGA_NEW notesUP Board class 9 GANGA_NEWMaharashtra Board class 9 GANGA_NEWCBSE GANGA_NEW chapter 2ICSE class 9 GANGA_NEWstate board class 9 GANGA_NEWCBSE class 9 GANGA_NEW KYA LIKHUN

लेखन एक ऐसी कला है जो केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि विचारों, अनुभवों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। कुछ लेखकों का मानना है कि लेखन एक विशेष मानसिक स्थिति में ही संभव होता है, जब मन में उत्साह, हृदय में स्फूर्ति और मस्तिष्क में आवेग उत्पन्न होता है। उस समय विषय गौण हो जाता है और लेखक अपने भावों को किसी भी विषय में ढाल सकता है।

परंतु सभी लेखक इस मत से सहमत नहीं होते। कुछ के लिए लेखन एक कठिन और श्रमसाध्य प्रक्रिया है, जिसमें गहन विचार, योजना और अभ्यास की आवश्यकता होती है। ऐसे लेखक मानते हैं कि बिना सोच-विचार के लिखा गया लेखन प्रभावशाली नहीं हो सकता।

लेखन में विषय चयन का भी महत्वपूर्ण स्थान है। यदि विषय उपयुक्त और स्पष्ट हो, तो लेखक अपने विचारों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही, लेखन में अनुभव और मौलिकता का होना आवश्यक है, क्योंकि यही तत्व पाठक को लेख से जोड़ते हैं।

इस प्रकार, लेखन केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सोच, अनुभव और अभिव्यक्ति का संतुलित मिश्रण है। एक सफल लेखक वही है जो इन सभी तत्वों का समुचित उपयोग कर सके और पाठक के मन पर प्रभाव डाल सके।

  1. लेखन को किस रूप में प्रस्तुत किया गया है?
    (a) केवल शब्दों का प्रयोग
    (b) भावनाओं की अभिव्यक्ति
    (c) विचार, अनुभव और भावनाओं का मिश्रण
    (d) केवल जानकारी

उत्तर: (c)

  1. कुछ लेखक लेखन को किससे जोड़ते हैं?
    (a) अभ्यास
    (b) मानसिक स्थिति
    (c) विषय
    (d) समय

उत्तर: (b)

  1. लेखन में कौन-सा तत्व सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है?
    (a) कठिन भाषा
    (b) अनुभव और मौलिकता
    (c) लंबाई
    (d) व्याकरण

उत्तर: (b)

  1. गद्यांश के अनुसार सफल लेखक कौन है?
    (a) जो लंबा लिखे
    (b) जो कठिन भाषा लिखे
    (c) जो संतुलन बनाए रखे
    (d) जो जल्दी लिखे

उत्तर: (c)

Very Short Answer (1×3)

  1. लेखन की प्रक्रिया कैसी मानी गई है?
    उत्तर: श्रमसाध्य और विचारपूर्ण प्रक्रिया।
  1. लेखन में विषय का क्या महत्व है?
    उत्तर: विषय स्पष्ट हो तो विचार अच्छे से व्यक्त होते हैं।
  1. मौलिकता क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: यह लेखन को प्रभावशाली और रोचक बनाती है।

Short Answer (2×3)

  1. कुछ लेखक लेखन को मानसिक स्थिति से क्यों जोड़ते हैं?
    उत्तर: क्योंकि उस अवस्था में विचार स्वतः आते हैं और लेखक बिना प्रयास के लिख सकता है।
  1. लेखन में अनुभव की क्या भूमिका है?
    उत्तर: अनुभव लेखन को वास्तविक और प्रभावशाली बनाता है तथा पाठक को जोड़ता है।
  1. विषय चयन लेखन को कैसे प्रभावित करता है?
    उत्तर: उचित विषय लेखक को स्पष्ट और संगठित ढंग से विचार व्यक्त करने में सहायता करता है।

Long Answer (4 Marks)

  1. “लेखन केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं है।” स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर: लेखन में केवल भावनाएँ ही नहीं, बल्कि विचार, अनुभव और योजना का भी महत्व होता है। यदि लेखन केवल भावनाओं पर आधारित हो, तो वह असंगठित हो सकता है। जब लेखक अपने अनुभव और सोच को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करता है, तभी लेखन प्रभावशाली बनता है। इसलिए लेखन एक संतुलित प्रक्रिया है जिसमें भावनाओं के साथ-साथ बुद्धि और अनुभव का भी योगदान होता है।

Case-Based 

एक छात्र बिना सोचे-समझे भावनाओं के आधार पर निबंध लिखता है।

  1. इस लेखन की क्या कमी हो सकती है?
    उत्तर: इसमें स्पष्टता और संगठन की कमी हो सकती है।

  1. इसे सुधारने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
    उत्तर:विचारों को व्यवस्थित कर, योजना बनाकर और अनुभव  जोड़कर लिखना चाहिए।

2. पठित गद्यांश

लेखन की प्रक्रिया जितनी सरल दिखाई देती है, उतनी वास्तव में होती नहीं है। लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती विषय का चयन और उस पर प्रभावशाली ढंग से विचार प्रस्तुत करना होता है। ‘दूर के ढोल सुहावने’ और ‘समाज-सुधार’ जैसे विषय सुनने में आकर्षक अवश्य लगते हैं, परंतु इन पर गहराई से लिखना सरल नहीं है। इन विषयों की व्यापकता और जटिलता लेखक को सोचने के लिए बाध्य करती है कि क्या सीमित शब्दों में इनका समुचित वर्णन संभव है।

लेखक इस दुविधा में पड़कर निबंध-लेखन के सिद्धांतों को समझने का प्रयास करता है। वह विभिन्न आचार्यों के विचारों का अध्ययन करता है, जिससे उसे यह ज्ञात होता है कि आदर्श निबंध केवल विषय-विस्तार का नाम नहीं है, बल्कि उसमें संक्षिप्तता, स्पष्टता और प्रभावशीलता का विशेष महत्व है। एक विद्वान के अनुसार छोटा निबंध अधिक प्रभावशाली होता है, क्योंकि उसमें विचारों की सघनता और सौंदर्य बना रहता है।

इसके अतिरिक्त निबंध के दो प्रमुख तत्व—सामग्री और शैली—माने गए हैं। सामग्री का तात्पर्य विषय से संबंधित विचारों और तथ्यों से है, जबकि शैली उन विचारों को प्रस्तुत करने की कला है। लेखक स्वीकार करता है कि सामग्री एकत्र करने के लिए अध्ययन और मनन आवश्यक है, परंतु समय के अभाव में उसे अपने पूर्व ज्ञान और अनुभव पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

इस प्रकार, यह स्पष्ट होता है कि निबंध-लेखन केवल ज्ञान का प्रदर्शन नहीं, बल्कि विचारों के चयन, संगठन और अभिव्यक्ति की एक सृजनात्मक प्रक्रिया है।

  1. लेखक के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
    (a) भाषा
    (b) विषय चयन
    (c) समय
    (d) लेखन

उत्तर: (b)

  1. ‘दूर के ढोल सुहावने’ विषय कठिन क्यों है?
    (a) छोटा है
    (b) जटिल और व्यापक है
    (c) आसान है
    (d) रोचक नहीं है

उत्तर: (b)

  1. निबंध के दो मुख्य अंग कौन-से हैं?
    (a) भाषा और व्याकरण
    (b) सामग्री और शैली
    (c) शब्द और वाक्य
    (d) विषय और समय

उत्तर: (b)

  1. छोटा निबंध क्यों प्रभावशाली होता है?
    (a) जल्दी लिखा जाता है
    (b) विचार सघन और स्पष्ट होते हैं
    (c) कम शब्द होते हैं
    (d) आसान होता है

उत्तर: (b)

Assertion–Reason 

  1. Assertion: छोटा निबंध अधिक प्रभावशाली होता है।
    Reason: उसमें विचारों की सघनता बनी रहती है।
    उत्तर: (a)
  1. Assertion: लेखक को विषय चयन में कठिनाई होती है।
    Reason: विषय बहुत सरल होते हैं।
    उत्तर: (c)
  1. Assertion: निबंध लेखन में सामग्री आवश्यक है।
    Reason: बिना सामग्री के विचार प्रस्तुत नहीं किए जा सकते।
    उत्तर: (a)

Very Short Answer 

  1. ‘सामग्री’ से क्या तात्पर्य है?
    उत्तर: विषय से संबंधित विचार और तथ्य।
  1. लेखक किस पर निर्भर होकर निबंध लिखता है?
    उत्तर: अपने ज्ञान और अनुभव पर।
  1. ‘शैली’ का क्या अर्थ है?
    उत्तर: विचारों को प्रस्तुत करने की विधि।

Short Answer 

  1. लेखक को निबंध लिखने में क्या कठिनाई होती है?
    उत्तर:
    लेखक को विषय चयन और उस पर प्रभावशाली ढंग से लिखने में कठिनाई होती है।
  1. निबंध में संक्षिप्तता क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: संक्षिप्तता से विचार स्पष्ट और प्रभावी बने रहते हैं।
  1. सामग्री और शैली का क्या महत्व है?
    उत्तर: सामग्री विचार देती है और शैली उन्हें प्रभावशाली बनाती है।

Long Answer (4 Marks)

  1. “निबंध-लेखन एक सृजनात्मक प्रक्रिया है।” स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर: निबंध-लेखन केवल जानकारी देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विचारों, अनुभवों और भावनाओं को सृजनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने की कला है। इसमें लेखक विषय का चयन करता है, सामग्री एकत्र करता है और शैली के माध्यम से उसे प्रभावशाली बनाता है। यह प्रक्रिया रचनात्मकता और सोच दोनों का समन्वय है।

Case-Based (HOTS)

Case:
एक छात्र बिना सामग्री एकत्र किए निबंध लिखता है।

  1. इस निबंध की क्या कमी होगी?
    उत्तर: विचारों की कमी और अस्पष्टता।

  1. इसे प्रभावशाली बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
    उत्तर: सामग्री एकत्र कर, विचारों को व्यवस्थित करके लिखना चाहिए।

पठित गद्यांश

निबंध-लेखन की प्रक्रिया में रूपरेखा और शैली दोनों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। विद्वानों का मत है कि किसी भी निबंध को लिखने से पहले उसकी रूपरेखा तैयार कर लेनी चाहिए, ताकि विचार क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किए जा सकें। परंतु लेखक के सामने समस्या यह है कि वह ‘दूर के ढोल सुहावने’ जैसे विषय की रूपरेखा ही नहीं बना पा रहा। उसे यह भी संदेह है कि क्या वास्तव में सभी लेखक पहले से ही अपने निबंधों की रूपरेखा तैयार करते हैं।

लेखक ए. जी. गार्डिनर और शेक्सपीयर के उदाहरण देकर यह स्पष्ट करता है कि महान लेखक भी शीर्षक और नामकरण को लेकर दुविधा में पड़ जाते थे। इससे यह सिद्ध होता है कि लेखन की प्रक्रिया सरल नहीं है, बल्कि इसमें रचनात्मक संघर्ष भी शामिल होता है।

इसके बाद लेखक शैली पर विचार करता है। आचार्यों के अनुसार भाषा में प्रवाह होना चाहिए और वाक्य छोटे, स्पष्ट तथा परस्पर संबद्ध होने चाहिए। किंतु लेखक व्यंग्यात्मक ढंग से यह स्वीकार करता है कि वह अपनी विद्वता दिखाने के लिए लंबे और जटिल वाक्य लिखना चाहता है। वह यह भी कहता है कि अस्पष्टता और दुर्बोधता कभी-कभी गंभीरता का आभास कराती है, इसलिए कुछ लेखक जानबूझकर कठिन भाषा का प्रयोग करते हैं।

अंततः लेखक इस दुविधा में पड़ जाता है कि उसे सरल और स्पष्ट लेखन अपनाना चाहिए या फिर जटिल और विद्वतापूर्ण शैली। इस प्रकार यह गद्यांश निबंध-लेखन की वास्तविक चुनौतियों, भ्रम और विचार-प्रक्रिया को दर्शाता है।

  1. निबंध लिखने से पहले क्या आवश्यक माना गया है?
    (a) भाषा
    (b) रूपरेखा
    (c) समय
    (d) विषय

उत्तर: (b)

  1. लेखक किस विषय की रूपरेखा नहीं बना पा रहा?
    (a) समाज-सुधार
    (b) शिक्षा
    (c) दूर के ढोल सुहावने
    (d) विज्ञान

उत्तर: (c)

  1. गार्डिनर और शेक्सपीयर का उदाहरण क्यों दिया गया है?
    (a) भाषा समझाने के लिए
    (b) कठिनाई दिखाने के लिए
    (c) शैली बताने के लिए
    (d) विषय चयन के लिए

उत्तर: (b)

  1. लेखक के अनुसार कुछ लोग कठिन भाषा क्यों प्रयोग करते हैं?
    (a) सुंदरता के लिए
    (b) समय बचाने के लिए
    (c) गंभीरता दिखाने के लिए
    (d) सरलता के लिए

उत्तर: (c)

Assertion–Reason 

  1. Assertion: निबंध से पहले रूपरेखा बनानी चाहिए।
    Reason: इससे विचार क्रमबद्ध होते हैं।
    उत्तर: (a)
  1. Assertion: लेखक सरल भाषा का समर्थन करता है।
    Reason: वह लंबे वाक्य लिखना चाहता है।
    उत्तर: (c)
  1. Assertion: कठिन भाषा निबंध को प्रभावशाली बनाती है।
    Reason: इससे पाठक भ्रमित हो सकता है।
    उत्तर: (b)

Very Short Answer 

  1. रूपरेखा का क्या उद्देश्य है?
    उत्तर: विचारों को क्रमबद्ध करना।
  1. शैली से क्या अभिप्राय है?
    उत्तर: विचारों को प्रस्तुत करने का तरीका।
  1. लेखक किस दुविधा में है?
    उत्तर: सरल या जटिल भाषा के चयन को लेकर।

Short Answer (2×3)

  1. लेखक रूपरेखा बनाने में असमर्थ क्यों है?
    उत्तर: वह विषय को स्पष्ट रूप से समझ नहीं पा रहा और उसे रूपरेखा बनाना कठिन लग रहा है।
  1. लेखक ने गार्डिनर का उदाहरण क्यों दिया?
    उत्तर: यह दिखाने के लिए कि महान लेखक भी लेखन में कठिनाई अनुभव करते हैं।
  1. निबंध में शैली का क्या महत्व है?
    उत्तर: शैली विचारों को प्रभावशाली और स्पष्ट बनाती है।

Long Answer 

14. “निबंध-लेखन एक जटिल प्रक्रिया है।” स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: निबंध-लेखन में विषय चयन, रूपरेखा, सामग्री और शैली जैसे अनेक तत्व शामिल होते हैं। लेखक को विचारों को व्यवस्थित करना पड़ता है और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना होता है। यह प्रक्रिया सरल नहीं, बल्कि सोच, अभ्यास और रचनात्मकता की मांग करती है।

15. लेखक की दुविधा को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लेखक यह तय नहीं कर पा रहा कि वह सरल भाषा का प्रयोग करे या कठिन और विद्वतापूर्ण शैली अपनाए। वह रूपरेखा भी नहीं बना पा रहा और शैली को लेकर भी असमंजस में है।

16. क्या कठिन भाषा निबंध को प्रभावशाली बनाती है? तर्क सहित लिखिए।

उत्तर: कठिन भाषा निबंध को जटिल बना सकती है, जिससे पाठक समझ नहीं पाता। सरल और स्पष्ट भाषा ही निबंध को प्रभावशाली बनाती है, क्योंकि वह पाठक से जुड़ती है।

17. गद्यांश में व्यंग्य का प्रयोग कैसे हुआ है?

उत्तर: लेखक ने अपनी स्थिति को हास्य और व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया है, जैसे लंबा वाक्य लिखने की इच्छा और कठिन भाषा के प्रयोग का मजाक।

18. निबंध लेखन में रूपरेखा और शैली का महत्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: रूपरेखा विचारों को व्यवस्थित करती है और शैली उन्हें प्रभावशाली बनाती है। दोनों मिलकर निबंध को स्पष्ट और रोचक बनाते हैं।

Case Study 

Case:
एक छात्र निबंध लिखते समय बिना रूपरेखा बनाए सीधे लिखना शुरू कर देता है। वह लंबे और कठिन वाक्यों का प्रयोग करता है ताकि उसकी विद्वता दिखाई दे। परिणामस्वरूप उसका निबंध जटिल और अस्पष्ट हो जाता है, जिसे पाठक समझ नहीं पाते।

प्रश्न:

  1. इस छात्र की मुख्य समस्या क्या है?
    उत्तर: स्पष्टता और संगठन की कमी।
  1. इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
    उत्तर: रूपरेखा बनाकर, सरल भाषा में लिखना चाहिए।

  1. लेखक के विचारों के अनुसार इस छात्र को क्या सलाह दी जा सकती है?
    उत्तर: सरल, स्पष्ट और क्रमबद्ध लेखन अपनाना चाहिए।

पठित गद्यांश-

निबंध-लेखन की परंपरा में विभिन्न पद्धतियाँ विकसित हुई हैं। जहाँ एक ओर आचार्य निबंध को नियमों, रूपरेखा और तर्कपूर्ण विवेचना से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर अंग्रेज़ी निबंधकारों ने एक स्वच्छंद पद्धति को अपनाया। इस पद्धति के प्रवर्तक मोंटेन माने जाते हैं, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों, विचारों और भावनाओं को सीधे निबंधों में अभिव्यक्त किया। ऐसे निबंधों की विशेषता यह है कि वे मन की स्वाभाविक अभिव्यक्ति होते हैं, जिनमें औपचारिकता या कृत्रिमता का अभाव होता है।

लेखक इस पद्धति से प्रभावित होकर स्वयं भी इसी शैली को अपनाने का विचार करता है। वह मानता है कि जब लेखक अपने अनुभवों और भावनाओं को ईमानदारी से प्रस्तुत करता है, तब निबंध अधिक प्रभावशाली बनता है। इसी संदर्भ में अमीर खुसरो की कथा का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने एक ही पद्य में विभिन्न विषयों को समाहित कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।

‘दूर के ढोल सुहावने’ की अवधारणा भी इसी संदर्भ में स्पष्ट होती है। जब कोई ध्वनि दूर से सुनाई देती है, तो उसकी कर्कशता कम होकर मधुरता में परिवर्तित हो जाती है। निकट बैठा व्यक्ति जहाँ उस ध्वनि से परेशान होता है, वहीं दूरस्थ व्यक्ति उसी ध्वनि में उत्सव, आनंद और प्रेम का अनुभव करता है। यह मानव-स्वभाव का प्रतीक है कि हम दूर की वस्तुओं को आकर्षक और सुंदर मानते हैं, जबकि निकट की वास्तविकता से परिचित होने पर उसका भ्रम टूट जाता है।

इस प्रकार यह गद्यांश न केवल निबंध-लेखन की विभिन्न पद्धतियों को स्पष्ट करता है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण और अनुभव की भूमिका को भी उजागर करता है।

  1. मोंटेन की निबंध-शैली की मुख्य विशेषता क्या है?
    (a) तर्कपूर्ण लेखन
    (b) अनुभव और स्वच्छंद अभिव्यक्ति
    (c) कठिन भाषा
    (d) लंबा लेखन

उत्तर: (b)

  1. अमीर खुसरो का उदाहरण क्यों दिया गया है?
    (a) कविता सिखाने के लिए
    (b) रचनात्मकता दिखाने के लिए
    (c) भाषा समझाने के लिए
    (d) व्याकरण के लिए

उत्तर: (b)

  1. ‘दूर के ढोल सुहावने’ का मुख्य अर्थ क्या है?
    (a) संगीत अच्छा होता है
    (b) दूर की वस्तुएँ आकर्षक लगती हैं
    (c) ढोल अच्छा होता है
    (d) ध्वनि तेज होती है

उत्तर: (b)

  1. दूर से ढोल की ध्वनि कैसी प्रतीत होती है?
    (a) कर्कश
    (b) धीमी
    (c) मधुर
    (d) तेज

उत्तर: (c)



🔸 Section B: Assertion–Reason (1×3)

  1. Assertion: मोंटेन की शैली स्वच्छंद है।
    Reason: उसमें लेखक के अनुभव और भावनाएँ प्रमुख होती हैं।
    उत्तर: (a)

  1. Assertion: पास बैठे व्यक्ति को ढोल की ध्वनि मधुर लगती है।
    Reason: ध्वनि की तीव्रता अधिक होती है।
    उत्तर: (d)

  1. Assertion: अनुभव आधारित लेखन अधिक प्रभावशाली होता है।
    Reason: यह पाठक को वास्तविकता से जोड़ता है।
    उत्तर: (a)

Very Short Answer 

  1. मोंटेन कौन थे?
    उत्तर: निबंध-लेखन की स्वच्छंद शैली के प्रवर्तक।
  1. ‘स्वच्छंद अभिव्यक्ति’ का क्या अर्थ है?
    उत्तर: बिना बंधन के विचार व्यक्त करना।
  1. लेखक किस पद्धति को अपनाना चाहता है?
    उत्तर: मोंटेन की स्वच्छंद पद्धति।

Short Answer 

  1. मोंटेन की निबंध-शैली की विशेषताएँ लिखिए।
    उत्तर: इस शैली में अनुभव, भावना और स्वाभाविक अभिव्यक्ति प्रमुख होती है।
  1. ‘दूर के ढोल सुहावने’ का भाव स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर: दूर की वस्तुएँ आकर्षक लगती हैं, पर निकट जाने पर उनकी वास्तविकता सामने आती है।
  1. अमीर खुसरो की कथा का क्या महत्व है?
    उत्तर: यह रचनात्मकता और बहुविषयक अभिव्यक्ति का उदाहरण है।

Long Answer 

14. मोंटेन की निबंध-शैली का वर्णन कीजिए।

उत्तर: मोंटेन की शैली स्वच्छंद और अनुभव-आधारित है। इसमें लेखक अपने विचारों और भावनाओं को बिना किसी बंधन के व्यक्त करता है। इसमें कृत्रिमता नहीं होती और यह पाठक से सीधे जुड़ती है।

15. लेखक इस पद्धति को अपनाना क्यों चाहता है?

उत्तर: क्योंकि यह शैली सरल, स्वाभाविक और प्रभावशाली है तथा इसमें व्यक्तिगत अनुभवों को महत्व दिया जाता है।

16. ‘दूर के ढोल सुहावने’ का प्रतीकात्मक अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: यह कहावत बताती है कि दूर की चीजें आकर्षक लगती हैं, पर वास्तविकता जानने पर उनका आकर्षण कम हो जाता है।

17. अमीर खुसरो की रचनात्मकता से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर: हमें सृजनात्मकता और बहुविषयक सोच विकसित करनी चाहिए।

18. अनुभव और अभिव्यक्ति का निबंध में क्या महत्व है?

उत्तर: ये निबंध को जीवंत और प्रभावशाली बनाते हैं तथा पाठक से जोड़ते हैं।

Case Study 

Case:
एक छात्र निबंध लिखते समय केवल नियमों और पुस्तकीय ज्ञान पर निर्भर रहता है। वह अपने अनुभव और भावनाओं को शामिल नहीं करता। परिणामस्वरूप उसका निबंध तथ्यपूर्ण तो होता है, परंतु उसमें रोचकता और प्रभाव का अभाव रहता है। पाठक उससे जुड़ नहीं पाते और निबंध नीरस प्रतीत होता है।

प्रश्न:

  1. इस छात्र की लेखन शैली में क्या कमी है?
    उत्तर: अनुभव और भावनाओं की कमी।
  1. इसे प्रभावशाली बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
    उत्तर: व्यक्तिगत अनुभव और भावनाओं को शामिल करना चाहिए।

  1. लेखक के अनुसार इस छात्र को क्या सुधार करना चाहिए?
    उत्तर: स्वच्छंद और अनुभव आधारित लेखन अपनाना चाहिए।

#NCERT-Solution-class 9- Hindi-Chapter-2-KYA LIKHUN

पाठ का सारांश

यह निबंध निबंध-लेखन की प्रक्रिया और उसकी कठिनाइयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करता है। लेखक बताता है कि लिखने के लिए विशेष मानसिक स्थिति की आवश्यकता होती है, जैसा कि ए. जी. गार्डिनर कहते हैं, परंतु लेखक स्वयं मानता है कि उसे लिखने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।

लेखक को दो विषयों- "दूर के ढोल सुहावने" और "समाज-सुधार" - पर निबंध लिखना होता है। वह निबंध लिखने के नियम जानने के लिए विद्वानों के विचार पढ़ता है, जहाँ उसे पता चलता है कि निबंध में सामग्री और शैली दोनों महत्वपूर्ण हैं।

लेखक को रूपरेखा बनाना, सामग्री जुटाना और सही शैली चुनना कठिन लगता है। अंत में वह मोंटेन की पद्धति अपनाता है, जिसमें अपने अनुभव और भावनाओं के आधार पर सरल ढंग से लिखा जाता है।

वह अमीर खुसरो की तरह दोनों विषयों को एक ही निबंध में जोड़ देता है।

निबंध में बताया गया है कि दूर की चीजें अच्छी लगती हैं, और समाज में सुधार हमेशा आवश्यक रहता है।

संदेश - इस निबंध का मुख्य संदेश यह है किः
- निबंध लिखने में सरलता और स्पष्टता होनी चाहिए।
- अपने अनुभव और भावनाएँ सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- समाज में सुधार की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है।