#Key Highlights
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- अतुलनीय सचिव: महादेव भाई देसाई दुनिया के सबसे व्यस्त और कुशल सचिवों में से एक थे।
- मोतियों जैसी लिखावट: उनकी 'सुलेख' (Calligraphy) के सभी कायल थे।
- भाषा ज्ञान: वे गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी—तीनों भाषाओं के प्रकांड विद्वान थे।
- कठोर परिश्रम: वे रात-रात भर जागकर काम करते थे और गांधी जी की हर छोटी-बड़ी ज़रूरत का ध्यान रखते थे।
- आकस्मिक मृत्यु: पुणे की आगा खाँ पैलेस जेल में उनकी मृत्यु हुई, जिससे गांधी जी को गहरा सदमा लगा।
- शीर्षक की सार्थकता: शुक्रतारा अपनी शुद्धता और तेज के लिए जाना जाता है, जो महादेव भाई के गुणों का प्रतीक है।
#Hard Words
कठिन शब्द और उनके अर्थ:
1. आभा (Abha): चमक / कांति
2. सन्निकट (Sannikat): बहुत पास / निकट
3. आगंतुक (Agantuk): अतिथि / आने वाले
4. स्तब्ध (Stabdh): हैरान / मौन
5. अतिशयोक्ति (Exaggeration): बढ़ा-चढ़ाकर कहना
6. उत्तराधिकारी (Successor): वारिस
7. साधना (Sadhana): तपस्या / कठिन अभ्यास
8. अनुवाद (Translation): एक भाषा से दूसरी भाषा में बदलना
9. शिष्यत्व (Discipleship): शिष्य होने का भाव
10. परिष्कृत (Refined): शुद्ध किया हुआ / सुधरा हुआ
1. आभा (Abha): चमक / कांति
2. सन्निकट (Sannikat): बहुत पास / निकट
3. आगंतुक (Agantuk): अतिथि / आने वाले
4. स्तब्ध (Stabdh): हैरान / मौन
5. अतिशयोक्ति (Exaggeration): बढ़ा-चढ़ाकर कहना
6. उत्तराधिकारी (Successor): वारिस
7. साधना (Sadhana): तपस्या / कठिन अभ्यास
8. अनुवाद (Translation): एक भाषा से दूसरी भाषा में बदलना
9. शिष्यत्व (Discipleship): शिष्य होने का भाव
10. परिष्कृत (Refined): शुद्ध किया हुआ / सुधरा हुआ
#Idioms
मुहावरे और वाक्यांश:
1. लोहा मानना: (श्रेष्ठता स्वीकार करना)
प्रयोग: बड़े-बड़े विदेशी पत्रकार भी महादेव भाई की बुद्धि का लोहा मानते थे।
2. दाहिने हाथ होना: (अत्यंत विश्वसनीय और सहायक होना)
प्रयोग: महादेव भाई गांधी जी के दाहिने हाथ थे।
3. आँखें बिछाना: (बहुत बेसब्री से इंतज़ार करना)
प्रयोग: लोग गांधी जी और महादेव भाई के लेखों का इंतज़ार करने के लिए आँखें बिछाए रहते थे।
4. अंकुश रखना: (नियंत्रण रखना)
प्रयोग: महादेव भाई गांधी जी के हर काम पर प्रेमपूर्वक अंकुश रखते थे।
1. लोहा मानना: (श्रेष्ठता स्वीकार करना)
प्रयोग: बड़े-बड़े विदेशी पत्रकार भी महादेव भाई की बुद्धि का लोहा मानते थे।
2. दाहिने हाथ होना: (अत्यंत विश्वसनीय और सहायक होना)
प्रयोग: महादेव भाई गांधी जी के दाहिने हाथ थे।
3. आँखें बिछाना: (बहुत बेसब्री से इंतज़ार करना)
प्रयोग: लोग गांधी जी और महादेव भाई के लेखों का इंतज़ार करने के लिए आँखें बिछाए रहते थे।
4. अंकुश रखना: (नियंत्रण रखना)
प्रयोग: महादेव भाई गांधी जी के हर काम पर प्रेमपूर्वक अंकुश रखते थे।
#Textbook Q&A
विस्तृत प्रश्नोत्तर (Textbook Q&A):
प्र 1: महादेव भाई की लिखावट की क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर (300-400 शब्द): महादेव भाई देसाई की लिखावट (Handwriting) भारतीय इतिहास के साहित्यिक गलियारों में एक दंतकथा की तरह प्रसिद्ध है। उनकी लिखावट की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित थीं:
1. सुंदरता: उनके अक्षर मोतियों की तरह गोल, स्पष्ट और सुंदर होते थे। उन्हें देखते ही मन प्रसन्न हो जाता था।
2. सटीकता: वे कितनी ही तेज़ी में क्यों न लिखें, उनकी लिखावट में कभी भी 'काँट-छाँट' या 'overwriting' नहीं होती थी। उनका हर शब्द साफ-सुथरा होता था।
3. गति: वे गांधी जी के बोले गए शब्दों को उसी गति से लिखते थे जिस गति से गांधी जी बोलते थे। वे अक्सर चलती हुई रेलगाड़ी में, मेज़ के अभाव में भी अपने घुटने का सहारा लेकर सुंदर अक्षरों में लिखते थे।
4. विद्वानों की पसंद: वायसराय के नाम जाने वाले पत्रों की लिखावट इतनी उत्कृष्ट होती थी कि वायसराय भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते थे। उनकी लिखावट उनके अनुशासित और एकाग्र व्यक्तित्व का प्रतिबिंब थी।
प्र 2: गांधी जी ने महादेव भाई को अपना 'वारिस' क्यों कहा था?
उत्तर (300-400 शब्द): गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस (Successor) केवल संपत्ति के लिए नहीं, बल्कि अपने विचारों और कार्यशैली के लिए कहा था।
1. वैचारिक समानता: महादेव भाई गांधी जी के विचारों को इतनी गहराई से समझते थे कि वे बिना कहे ही जान जाते थे कि गांधी जी किसी मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।
2. निष्ठा: उन्होंने अपना पूरा जीवन गांधी जी के चरणों में समर्पित कर दिया था। वे गांधी जी के कार्यों को अपनी पूरी शक्ति से आगे बढ़ाते थे।
3. साहित्यिक सेवा: गांधी जी की आत्मकथा और उनके लेखों को जनता तक पहुँचाने में महादेव भाई का सबसे बड़ा हाथ था।
4. पुत्रवत प्रेम: गांधी जी उन्हें अपने पुत्र के समान मानते थे और उन पर अटूट विश्वास करते थे। जब महादेव भाई की मृत्यु हुई, तो गांधी जी ने महसूस किया कि उनका एक हिस्सा उनसे अलग हो गया है। इसलिए उन्होंने उन्हें अपना 'उत्तराधिकारी' और 'वारिस' घोषित किया था।
प्र 3: लेखक ने महादेव भाई की तुलना 'शुक्रतारे' से क्यों की है?
उत्तर (300-400 शब्द): लेखक स्वामी आनंद ने महादेव भाई के व्यक्तित्व को चित्रित करने के लिए 'शुक्रतारे' (Morning Star) का रूपक चुना है, जिसके पीछे कई कारण हैं:
1. प्रकाश और चमक: शुक्रतारा आकाश में सबसे अधिक चमकने वाला तारा है। उसी प्रकार महादेव भाई गांधी जी के इर्द-गिर्द रहने वाले अनेक सहयोगियों में सबसे प्रखर और प्रतिभाशाली थे।
2. शुद्धता: शुक्रतारा अपनी धवलता (Whiteness) और शुद्धता के लिए जाना जाता है। महादेव भाई का चरित्र भी अत्यंत शुद्ध, निस्वार्थ और पारदर्शी था।
3. कम अवधि: शुक्रतारा आकाश में बहुत कम समय के लिए (भोर में) दिखाई देता है। दुर्भाग्य से, महादेव भाई का जीवन भी अल्पकालिक रहा। वे केवल 50 वर्ष की आयु में ही संसार छोड़ गए।
4. आकर्षण: जैसे शुक्रतारा अपनी अनोखी आभा से सबको मुग्ध कर देता है, वैसे ही महादेव भाई की कार्यक्षमता और उनकी मधुर वाणी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन्ही समानताओं के कारण यह शीर्षक 'शुक्रतारे के समान' पूर्णतः सार्थक है।
प्र 1: महादेव भाई की लिखावट की क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर (300-400 शब्द): महादेव भाई देसाई की लिखावट (Handwriting) भारतीय इतिहास के साहित्यिक गलियारों में एक दंतकथा की तरह प्रसिद्ध है। उनकी लिखावट की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित थीं:
1. सुंदरता: उनके अक्षर मोतियों की तरह गोल, स्पष्ट और सुंदर होते थे। उन्हें देखते ही मन प्रसन्न हो जाता था।
2. सटीकता: वे कितनी ही तेज़ी में क्यों न लिखें, उनकी लिखावट में कभी भी 'काँट-छाँट' या 'overwriting' नहीं होती थी। उनका हर शब्द साफ-सुथरा होता था।
3. गति: वे गांधी जी के बोले गए शब्दों को उसी गति से लिखते थे जिस गति से गांधी जी बोलते थे। वे अक्सर चलती हुई रेलगाड़ी में, मेज़ के अभाव में भी अपने घुटने का सहारा लेकर सुंदर अक्षरों में लिखते थे।
4. विद्वानों की पसंद: वायसराय के नाम जाने वाले पत्रों की लिखावट इतनी उत्कृष्ट होती थी कि वायसराय भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते थे। उनकी लिखावट उनके अनुशासित और एकाग्र व्यक्तित्व का प्रतिबिंब थी।
प्र 2: गांधी जी ने महादेव भाई को अपना 'वारिस' क्यों कहा था?
उत्तर (300-400 शब्द): गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस (Successor) केवल संपत्ति के लिए नहीं, बल्कि अपने विचारों और कार्यशैली के लिए कहा था।
1. वैचारिक समानता: महादेव भाई गांधी जी के विचारों को इतनी गहराई से समझते थे कि वे बिना कहे ही जान जाते थे कि गांधी जी किसी मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।
2. निष्ठा: उन्होंने अपना पूरा जीवन गांधी जी के चरणों में समर्पित कर दिया था। वे गांधी जी के कार्यों को अपनी पूरी शक्ति से आगे बढ़ाते थे।
3. साहित्यिक सेवा: गांधी जी की आत्मकथा और उनके लेखों को जनता तक पहुँचाने में महादेव भाई का सबसे बड़ा हाथ था।
4. पुत्रवत प्रेम: गांधी जी उन्हें अपने पुत्र के समान मानते थे और उन पर अटूट विश्वास करते थे। जब महादेव भाई की मृत्यु हुई, तो गांधी जी ने महसूस किया कि उनका एक हिस्सा उनसे अलग हो गया है। इसलिए उन्होंने उन्हें अपना 'उत्तराधिकारी' और 'वारिस' घोषित किया था।
प्र 3: लेखक ने महादेव भाई की तुलना 'शुक्रतारे' से क्यों की है?
उत्तर (300-400 शब्द): लेखक स्वामी आनंद ने महादेव भाई के व्यक्तित्व को चित्रित करने के लिए 'शुक्रतारे' (Morning Star) का रूपक चुना है, जिसके पीछे कई कारण हैं:
1. प्रकाश और चमक: शुक्रतारा आकाश में सबसे अधिक चमकने वाला तारा है। उसी प्रकार महादेव भाई गांधी जी के इर्द-गिर्द रहने वाले अनेक सहयोगियों में सबसे प्रखर और प्रतिभाशाली थे।
2. शुद्धता: शुक्रतारा अपनी धवलता (Whiteness) और शुद्धता के लिए जाना जाता है। महादेव भाई का चरित्र भी अत्यंत शुद्ध, निस्वार्थ और पारदर्शी था।
3. कम अवधि: शुक्रतारा आकाश में बहुत कम समय के लिए (भोर में) दिखाई देता है। दुर्भाग्य से, महादेव भाई का जीवन भी अल्पकालिक रहा। वे केवल 50 वर्ष की आयु में ही संसार छोड़ गए।
4. आकर्षण: जैसे शुक्रतारा अपनी अनोखी आभा से सबको मुग्ध कर देता है, वैसे ही महादेव भाई की कार्यक्षमता और उनकी मधुर वाणी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन्ही समानताओं के कारण यह शीर्षक 'शुक्रतारे के समान' पूर्णतः सार्थक है।
#Competency Based Q&A
योग्यता आधारित प्रश्न (Competency Based Questions):
1. (सृजनात्मक चिंतन): आज के डिजिटल युग में, क्या आपको लगता है कि 'लिखावट' (Handwriting) का महत्व कम हो गया है? महादेव भाई के संदर्भ में चर्चा करें। (200-400 शब्द)
उत्तर: आज हम टाइपिंग और वॉइस-कमांड के युग में जी रहे हैं, जहाँ कलम और कागज का उपयोग कम होता जा रहा है। निश्चित रूप से डिजिटल टूल्स ने काम को आसान बनाया है, लेकिन लिखावट का महत्व कभी समाप्त नहीं हो सकता।
लिखावट का महत्व: महादेव भाई की लिखावट केवल सूचना पहुँचाने का साधन नहीं थी, बल्कि उनके अनुशासन, धैर्य और कलात्मकता का प्रतीक थी। एक सुंदर हस्तलिखित पत्र में जो आत्मीयता (Personal touch) होती है, वह ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज में नहीं मिल सकती।
एकाग्रता: सुंदर लिखना मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है। आज भी मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि हाथ से लिखने से याददाश्त तेज होती है।
निष्कर्ष: यदि महादेव भाई आज होते, तो शायद वे लैपटॉप का भी उपयोग करते, लेकिन उनकी लिखावट की वह 'मोतियों वाली चमक' उनके व्यक्तित्व की पहचान बनी रहती। हमें अपनी लिखावट को सुधारने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि यह हमारे चरित्र के व्यवस्थित होने का संकेत है।
2. (जीवन मूल्य): ""एक सहायक (Assistant) की भूमिका मुख्य व्यक्ति से कम नहीं होती।"" महादेव भाई और गांधी जी के रिश्ते से हमें क्या सीख मिलती है? (200-400 शब्द)
उत्तर: समाज अक्सर 'नायक' (Hero) की प्रशंसा करता है, लेकिन उस नायक को खड़ा करने वाले नींव के पत्थरों को भूल जाता है। महादेव भाई गांधी जी की सफलता के पीछे के वही 'नींव के पत्थर' थे।
सीख:
1. निस्वार्थ सेवा: महादेव भाई ने कभी अपनी अलग पहचान बनाने की होड़ नहीं की। उन्होंने गांधी जी के मिशन को अपना मिशन बनाया।
2. विश्वसनीयता: एक सहायक को इतना भरोसेमंद होना चाहिए कि मुख्य व्यक्ति निश्चिंत होकर बड़े फैसले ले सके।
3. कठिन परिश्रम: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। महादेव भाई का रात-रात भर जागना हमें कर्तव्य के प्रति निष्ठा सिखाता है।
4. विनम्रता: बड़े लोगों के साथ रहकर भी अहंकार न करना एक महान गुण है।
गांधी जी 'महात्मा' तभी बन सके क्योंकि उनके पास महादेव जैसे 'शुक्रतारे' का साथ था। यह रिश्ता हमें टीम-वर्क और आपसी सम्मान की गहरी सीख देता है।
1. (सृजनात्मक चिंतन): आज के डिजिटल युग में, क्या आपको लगता है कि 'लिखावट' (Handwriting) का महत्व कम हो गया है? महादेव भाई के संदर्भ में चर्चा करें। (200-400 शब्द)
उत्तर: आज हम टाइपिंग और वॉइस-कमांड के युग में जी रहे हैं, जहाँ कलम और कागज का उपयोग कम होता जा रहा है। निश्चित रूप से डिजिटल टूल्स ने काम को आसान बनाया है, लेकिन लिखावट का महत्व कभी समाप्त नहीं हो सकता।
लिखावट का महत्व: महादेव भाई की लिखावट केवल सूचना पहुँचाने का साधन नहीं थी, बल्कि उनके अनुशासन, धैर्य और कलात्मकता का प्रतीक थी। एक सुंदर हस्तलिखित पत्र में जो आत्मीयता (Personal touch) होती है, वह ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज में नहीं मिल सकती।
एकाग्रता: सुंदर लिखना मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है। आज भी मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि हाथ से लिखने से याददाश्त तेज होती है।
निष्कर्ष: यदि महादेव भाई आज होते, तो शायद वे लैपटॉप का भी उपयोग करते, लेकिन उनकी लिखावट की वह 'मोतियों वाली चमक' उनके व्यक्तित्व की पहचान बनी रहती। हमें अपनी लिखावट को सुधारने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि यह हमारे चरित्र के व्यवस्थित होने का संकेत है।
2. (जीवन मूल्य): ""एक सहायक (Assistant) की भूमिका मुख्य व्यक्ति से कम नहीं होती।"" महादेव भाई और गांधी जी के रिश्ते से हमें क्या सीख मिलती है? (200-400 शब्द)
उत्तर: समाज अक्सर 'नायक' (Hero) की प्रशंसा करता है, लेकिन उस नायक को खड़ा करने वाले नींव के पत्थरों को भूल जाता है। महादेव भाई गांधी जी की सफलता के पीछे के वही 'नींव के पत्थर' थे।
सीख:
1. निस्वार्थ सेवा: महादेव भाई ने कभी अपनी अलग पहचान बनाने की होड़ नहीं की। उन्होंने गांधी जी के मिशन को अपना मिशन बनाया।
2. विश्वसनीयता: एक सहायक को इतना भरोसेमंद होना चाहिए कि मुख्य व्यक्ति निश्चिंत होकर बड़े फैसले ले सके।
3. कठिन परिश्रम: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। महादेव भाई का रात-रात भर जागना हमें कर्तव्य के प्रति निष्ठा सिखाता है।
4. विनम्रता: बड़े लोगों के साथ रहकर भी अहंकार न करना एक महान गुण है।
गांधी जी 'महात्मा' तभी बन सके क्योंकि उनके पास महादेव जैसे 'शुक्रतारे' का साथ था। यह रिश्ता हमें टीम-वर्क और आपसी सम्मान की गहरी सीख देता है।
#SDG Goal
SDG 16: Peace, Justice and Strong Institutions (शांति और न्याय)
विवरण: महादेव भाई देसाई ने भारत की स्वतंत्रता और न्याय के लिए गांधी जी के अहिंसक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका लेखन स्वतंत्रता के संस्थानों को मजबूत करने का कार्य करता था।
SDG 4: Quality Education (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)
विवरण: महादेव भाई के लेख और अनुवाद ने जनमानस को शिक्षित करने और जागरूक बनाने में बड़ा योगदान दिया।
विवरण: महादेव भाई देसाई ने भारत की स्वतंत्रता और न्याय के लिए गांधी जी के अहिंसक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका लेखन स्वतंत्रता के संस्थानों को मजबूत करने का कार्य करता था।
SDG 4: Quality Education (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)
विवरण: महादेव भाई के लेख और अनुवाद ने जनमानस को शिक्षित करने और जागरूक बनाने में बड़ा योगदान दिया।
#Worksheet
Worksheet: Chapter 5 - शुक्रतारे के समान
Section A: एक शब्द/वाक्य में उत्तर दें
1. महादेव भाई गांधी जी के क्या थे?
2. लेखक ने उनकी तुलना किस तारे से की है?
3. महादेव भाई किस भाषा के ज्ञाता थे?
4. उनकी लिखावट की तुलना किससे की गई है?
5. उनकी मृत्यु कहाँ हुई थी?
Section B: रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
6. महादेव भाई ___________ वर्ष की आयु में गांधी जी से मिले थे।
7. वे गांधी जी की ___________ बातों को भी शांत होकर सुनते थे।
8. ___________ और नवजीवन गांधी जी के मुख्य समाचार पत्र थे।
9. वायसराय के नाम जाने वाले पत्रों की ___________ बहुत सुंदर होती थी।
10. महादेव भाई का निधन ___________ पैलेस जेल में हुआ।
Section C: सही या गलत (True/False)
11. महादेव भाई बहुत अहंकारी थे। ( )
12. शुक्रतारा शाम को दिखाई देता है। ( )
13. महादेव भाई ने गांधी जी की आत्मकथा का अनुवाद किया। ( )
14. वे चलती रेलगाड़ी में भी लिखते थे। ( )
15. यह पाठ एक काल्पनिक कहानी है। ( )
Section D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
16. 'शुक्रतारा' किसका प्रतीक है?
(क) अंधकार (ख) शुद्धता और अल्पकालिक चमक (ग) क्रोध (घ) सुस्ती
17. महादेव भाई के अक्षरों की बनावट कैसी थी?
(क) टेढ़ी-मेढ़ी (ख) मोतियों जैसी (ग) बहुत छोटी (घ) अस्पष्ट
18. गांधी जी ने अपना वारिस किसे कहा?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) महादेव भाई देसाई (ग) सरदार पटेल (घ) कस्तूरबा गांधी
Section E: लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers)
19. महादेव भाई की दिनचर्या के बारे में लिखें।
20. गांधी जी के प्रति महादेव भाई की निष्ठा कैसी थी?
21. 'रनिंग यूनिवर्सिटी' शब्द का प्रयोग किसके लिए और क्यों हुआ है?
22. महादेव भाई की मृत्यु ने गांधी जी को कैसे प्रभावित किया?
23. शुक्रतारे की क्या विशेषता पाठ में बताई गई है?
Section F: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers)
24. महादेव भाई देसाई के व्यक्तित्व की विशेषताओं का विस्तृत वर्णन करें।
25. ""शुक्रतारे के समान"" शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
26. महादेव भाई और गांधी जी के संबंधों पर एक संक्षिप्त लेख लिखें।
Section A: एक शब्द/वाक्य में उत्तर दें
1. महादेव भाई गांधी जी के क्या थे?
2. लेखक ने उनकी तुलना किस तारे से की है?
3. महादेव भाई किस भाषा के ज्ञाता थे?
4. उनकी लिखावट की तुलना किससे की गई है?
5. उनकी मृत्यु कहाँ हुई थी?
Section B: रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
6. महादेव भाई ___________ वर्ष की आयु में गांधी जी से मिले थे।
7. वे गांधी जी की ___________ बातों को भी शांत होकर सुनते थे।
8. ___________ और नवजीवन गांधी जी के मुख्य समाचार पत्र थे।
9. वायसराय के नाम जाने वाले पत्रों की ___________ बहुत सुंदर होती थी।
10. महादेव भाई का निधन ___________ पैलेस जेल में हुआ।
Section C: सही या गलत (True/False)
11. महादेव भाई बहुत अहंकारी थे। ( )
12. शुक्रतारा शाम को दिखाई देता है। ( )
13. महादेव भाई ने गांधी जी की आत्मकथा का अनुवाद किया। ( )
14. वे चलती रेलगाड़ी में भी लिखते थे। ( )
15. यह पाठ एक काल्पनिक कहानी है। ( )
Section D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
16. 'शुक्रतारा' किसका प्रतीक है?
(क) अंधकार (ख) शुद्धता और अल्पकालिक चमक (ग) क्रोध (घ) सुस्ती
17. महादेव भाई के अक्षरों की बनावट कैसी थी?
(क) टेढ़ी-मेढ़ी (ख) मोतियों जैसी (ग) बहुत छोटी (घ) अस्पष्ट
18. गांधी जी ने अपना वारिस किसे कहा?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) महादेव भाई देसाई (ग) सरदार पटेल (घ) कस्तूरबा गांधी
Section E: लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers)
19. महादेव भाई की दिनचर्या के बारे में लिखें।
20. गांधी जी के प्रति महादेव भाई की निष्ठा कैसी थी?
21. 'रनिंग यूनिवर्सिटी' शब्द का प्रयोग किसके लिए और क्यों हुआ है?
22. महादेव भाई की मृत्यु ने गांधी जी को कैसे प्रभावित किया?
23. शुक्रतारे की क्या विशेषता पाठ में बताई गई है?
Section F: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers)
24. महादेव भाई देसाई के व्यक्तित्व की विशेषताओं का विस्तृत वर्णन करें।
25. ""शुक्रतारे के समान"" शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
26. महादेव भाई और गांधी जी के संबंधों पर एक संक्षिप्त लेख लिखें।